मुम्बई में ‘हर घर, हर द्वार’ पहुंचा प्रेक्षाध्यान, कांदिवली के कल्पतरु गार्डन्स में उमड़ा जनसैलाब
मुम्बई में 'हर घर, हर द्वार' पहुंचा प्रेक्षाध्यान, कांदिवली के कल्पतरु गार्डन्स में उमड़ा जनसैलाब


मुम्बई , 10 मई। प्रेक्षा फाउंडेशन के तत्वावधान में और ‘योग क्षेम वर्ष’ के उपलक्ष्य में प्रेक्षा ध्यान योग साधना केंद्र, अशोकनगर (कांदिवली) द्वारा मुंबई महानगर में एक ‘जबरदस्त’ जन जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज कांदिवली स्थित कल्पतरु गार्डन्स के बास्केटबॉल ग्राउंड में एक भव्य प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का आयोजन किया गया।


घर-घर दस्तक और भारी जन-भागीदारी
इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र की प्रशिक्षिकाओं— श्रीमती सुमन बहन, रूपल बेन और प्रीति बहन ने परिसर के सभी 162 परिवारों के घर-घर जाकर संपर्क किया और उन्हें प्रेक्षाध्यान के लाभ बताते हुए कार्यशाला से जुड़ने का आह्वान किया। उनकी मेहनत का परिणाम रहा कि आज की कार्यशाला में लगभग 100 भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


प्रशिक्षण और योग मुद्राएं
वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड़ के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र में संभागियों को दीर्घ श्वास प्रेक्षा, प्राणायाम, सूक्ष्म योग और विभिन्न मुद्राओं का गहन अभ्यास कराया गया। दुगड़ ने अपनी चिर-परिचित प्रभावशाली शैली में प्रेक्षाध्यान की सुंदर प्रस्तुति दी, जिससे वहां उपस्थित प्रबुद्ध वर्ग काफी प्रभावित हुआ। स्थानीय निवासियों का कहना था कि तनावपूर्ण शहरी जीवन में इस प्रकार का आध्यात्मिक और स्वास्थ्यवर्धक कार्य अत्यंत सराहनीय है।
सम्मान और कृतज्ञता
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कल्पतरु गार्डन की पूरी कमेटी का विशेष सहयोग रहा। संस्था की ओर से पारसमल दुगड़ का शाल, माल्यार्पण और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुमन बहन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महोत्सव टीवी चैनल की टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
29 वर्षों की अनवरत सेवा
उल्लेखनीय है कि अशोकनगर केंद्र पिछले 29 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहा है और वर्तमान में इसके अंतर्गत चार मुख्य केंद्र संचालित हैं। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के इस मिशन को वर्तमान अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में जन-जन तक पहुँचाने के लिए दुगड़ दंपति और उनकी टीम पूरी निष्ठा से जुटी हुई है। प्रेक्षाध्यान के माध्यम से स्वयं से स्वयं के साक्षात्कार और चहुंमुखी विकास का यह संकल्प मुंबई में एक नई आध्यात्मिक लहर पैदा कर रहा है।


