बीकानेर पुलिस ने तोड़ा पाकिस्तान-पंजाब-राजस्थान का तस्करी नेटवर्क
बीकानेर पुलिस ने तोड़ा पाकिस्तान-पंजाब-राजस्थान का तस्करी नेटवर्क


- जेल से ऑपरेट हो रहा था इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट
बीकानेर, 12 मई। बीकानेर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और हेरोइन तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड पंजाब की फरीदकोट जेल में बैठकर तस्करी का सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया है।


3 पॉइंट्स में तस्करी का पूरा खेल
जेल बना कंट्रोल रूम: गैंग का सरगना सोनू उर्फ सुखविंदर फरीदकोट जेल में बंद रहते हुए मोबाइल के जरिए सीधे पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में था। पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन ड्रॉपिंग की लोकेशन सीधे सुखविंदर तक पहुंचती थी।


ड्रॉपिंग पॉइंट की सटीक जानकारी: सुखविंदर जेल से ही राजस्थान के विभिन्न जिलों (जयपुर, पाली आदि) में सक्रिय अपने गुर्गों को ड्रॉपिंग पॉइंट की जानकारी देता था। इसके बाद उसके नेटवर्क के लोग बॉर्डर एरिया से माल उठाकर सप्लाई करते थे।
मोबाइल से खुले राज: बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार, सुखविंदर के पास से बरामद मोबाइल में गैंग के कई संदिग्धों के नाम और डेटा मिला है। पुलिस अब इस डेटा के आधार पर देशभर में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
70 करोड़ की हेरोइन और एक ‘नीलगाय’ ने खोला राज
इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद हुआ। कुछ दिन पहले पूगल क्षेत्र में पाली निवासी खेताराम नाम का युवक स्कूटी से जा रहा था, तभी उसकी टक्कर एक नीलगाय से हो गई। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जब पुलिस ने उसकी स्कूटी की तलाशी ली, तो उसमें 70 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद हुई। खेताराम के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस की जांच पंजाब की जेल तक जा पहुंची।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्रों (खाजूवाला, रावला, केसरीसिंहपुर) में ड्रोन ड्रॉपिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस अब सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही है, क्योंकि इसमें केवल ड्रग्स ही नहीं बल्कि हथियारों की तस्करी भी शामिल है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है।


