अबेकस के माध्यम से संभव है ब्रेन डेवलपमेंट
अबेकस के माध्यम से संभव है ब्रेन डेवलपमेंट


- छोटे-छोटे बच्चों ने सेकंड्स में हल किए बड़े-बड़े जोड़ और गुणा
गंगाशहर (बीकानेर), 15 मई। एडवांस क्लासेज के तत्वावधान में शुक्रवार को शांति बाल निकेतन और मनोरमा विद्या निकेतन में एक विशेष ‘अबेकस कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बच्चों ने गणित के कड़े सवालों को पलक झपकते ही हल करके सभी को हैरत में डाल दिया।


कैलकुलेटर से भी तेज गति से हल होते हैं सवाल
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अबेकस एकेडमी के ट्रेनर संतोष सर ने अबेकस की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अबेकस महज गणित सीखने का साधन नहीं, बल्कि एक संपूर्ण ब्रेन डेवलपमेंट प्रोग्राम (मस्तिष्क विकास कार्यक्रम) है।


इसके माध्यम से बच्चे जोड़, बाकी, गुणा, भाग के साथ-साथ वर्ग, वर्गमूल और घनमूल जैसी जटिल गणनाएं बिना पेन और कॉपी के, कैलकुलेटर से भी तेज गति से कर सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान जब संतोष सर द्वारा प्रशिक्षित बच्चों ने तीन अंकों के पहाड़े (Tables) और बड़ी-बड़ी संख्या के जोड़-बाकी कुछ ही सेकंड्स में मौखिक रूप से हल किए, तो वहां मौजूद अन्य विद्यार्थी और शिक्षक अचरज में पड़ गए।
एकाग्रता और मेमोरी बढ़ाने में मददगार
अबेकस के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी देते हुए संतोष सर ने कहा कि इस पद्धति से नियमित अभ्यास करने पर विद्यार्थियों की एकाग्रता (Concentration) और सुनने की क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है। यह बच्चों के ब्रेन एक्टिवेशन में मदद करता है जिससे उनकी याददाश्त (Memory) मजबूत होती है। इसके अलावा, अबेकस में प्रशिक्षित विद्यार्थी आगे चलकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय विजेताओं ने दिखाए अपनी कला के जौहर
इस कार्यशाला में इंटरनेशनल अबेकस वर्ल्ड कप-5 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सौम्या बंसल और इसी वर्ल्ड कप के लेवल-3 में प्रथम स्थान विजेता सूरज बंसल ने अपनी अद्भुत स्किल्स का प्रदर्शन किया। उनके साथ ही प्रद्युमन शर्मा, जतिन प्रजापत, विनीता सिंह, अरमान, कुशल शर्मा, जयललिता बिश्नोई, भरत बिश्नोई और सचिन ने भी गणितीय गणनाओं की त्वरित प्रस्तुति दी।
गंगाशहर में भी मिलेगा प्रशिक्षण
इस सफल आयोजन पर खुशी जताते हुए मोनिका कुमावत ने बताया कि संतोष सर के निर्देशन में अब गंगाशहर क्षेत्र के बच्चों के लिए भी नियमित अबेकस प्रशिक्षण की शुरुआत की जाएगी, ताकि स्थानीय बच्चों की प्रतिभा निखर सके। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने संतोष सर का आभार व्यक्त किया और प्रदर्शन करने वाले सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।


