बीकानेर में होटल के बंद कमरे में छप रहे थे 500-500 के नकली नोट, पुलिस की दबिश में पकड़ा गया बड़ा गिरोह
बीकानेर में होटल के बंद कमरे में छप रहे थे 500-500 के नकली नोट


बीकानेर, 22 मई। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली भारतीय मुद्रा (फेक करेंसी) छापने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नेशनल हाईवे (NH) किनारे स्थित एक होटल के कमरे में दबिश देकर 500-500 रुपये के 156 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल फेस वैल्यू 78 हजार रुपये आंकी गई है। मौके से होटल संचालक सहित चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।


हाईवे किनारे होटल में चल रहा था नोट छापने का खेल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हेमासर फांटे के पास स्थित एक होटल के बंद कमरे में प्रिंटर और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से हूबहू असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक होने पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से होटल की घेराबंदी कर अचानक दबिश दी।


कमरे के भीतर का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां 500-500 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग का काम धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिस ने मौके से होटल संचालक के अलावा हेमासर और पुंदलसर निवासी चार युवकों को दबोच लिया।
दो प्रिंटर, कटर मशीन और चमकीली टेप बरामद
पुलिस ने नोट छापने के कारखाने पर कार्रवाई करते हुए मौके से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है।
- दो अत्याधुनिक कलर्ड प्रिंटर
- एक कटर मशीन (नोटों को साइज में काटने के लिए)
- विशेष चमकीली टेप (नोटों पर सुरक्षा धागा/थ्रेड बनाने के लिए)
- नकली नोट तैयार करने में प्रयुक्त होने वाला विशेष कागज और अन्य सामग्री।
पुलिस ने होटल के कमरे में ही जब्ती की विधिक कार्रवाई (फर्द) पूरी की। इस बड़ी कार्रवाई को पुलिस उपाधीक्षक (CO) निकेत पारीक के सुपरविजन और श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में सब-इंस्पेक्टर (SI) पवन कुमार शर्मा और कांस्टेबल पुनीत कुमार की विशेष भूमिका रही। टीम में कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, कैलाश और अशोक भी शामिल रहे।
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
शुरुआती जांच और इनपुट के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह पिछले लंबे समय से सक्रिय था और बाजार में भारी मात्रा में नकली करेंसी खपा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से कोटगेट और श्रीडूंगरगढ़ पुलिस की टीमें गहन पूछताछ कर रही हैं।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन नकली नोटों को किन-किन मुख्य बाजारों, पेट्रोल पंपों या ग्रामीण इलाकों में चलाया जाता था और इस रैकेट के तार किन अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कुछ और बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है।


