सप्त दिवसीय विष्णु पुराण कथा का झांकियों के साथ समापन: महाप्रसाद का हुआ भव्य आयोजन
सप्त दिवसीय विष्णु पुराण कथा का झांकियों के साथ समापन: महाप्रसाद का हुआ भव्य आयोजन


- प्रथम बार आयोजित विष्णु पुराण कथा की पूर्णाहुति पर यजमानों ने यज्ञ में दी आहुतियां, व्यासपीठ का हुआ अभिनंदन
बीकानेर, 23 मई। ‘छोटी काशी’ के रूप में विख्यात बीकानेर शहर में प्रथम बार आयोजित की गई भव्य विष्णु पुराण कथा का शनिवार को विधि-विधान से यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और संपूर्ण कथा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया।


मंत्रोच्चार के साथ हुआ मंडप पूजन और महायज्ञ


कथा आयोजन कमेटी के सदस्य गिरधर स्वामी ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि कथा के सप्तम व अंतिम दिवस पर सर्वप्रथम पंडित मुरली पुरोहित तथा पंडित तरुण व्यास के आचार्यत्व में मुख्य यजमान कन्हैया लाल जोशी तथा उनकी धर्मपत्नी अनुराधा जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप पूजन संपन्न किया।
कथा की समाप्ति के पश्चात सात दिनों तक चले इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति के रूप में एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया गया। समिति सदस्य सुरेश चांडक एवं सुनीलम् पुरोहित ने बताया कि सभी यजमानों और उपस्थित भक्तों ने कतारबद्ध होकर यज्ञ नारायण भगवान का पूजन किया और विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुतियां दीं।
भगवान के 24 अवतारों की कथा और पोथी का महत्व
आयोजन समिति के प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने जानकारी दी कि कथावाचक व मरुनायक पीठाधीश्वर पंडित भाई श्री जी ने अंतिम दिन भगवान विष्णु के 24 अवतारों की संक्षिप्त कथा का वृतांत सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। भाई श्री जी ने इस अवसर पर आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि भगवान विष्णु की लीलाओं पर आधारित विष्णु पुराण की पोथी को अपने घर में स्थापित करने अथवा अभिमंत्रित पोथी को आदरपूर्वक ब्राह्मणों को भेंट करने का विशेष महत्व है, इससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। अंतिम सत्र में पंजीकृत विष्णु पुराण पोथी यजमानों को ससम्मान सौंपी गई।
व्यासपीठ का अभिनंदन और महाप्रसाद
समिति सदस्य बृजमोहन बिहाणी ने बताया कि कथा की संपूर्णता पर गिरधर स्वामी के नेतृत्व में आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने व्यासपीठ पर विराजमान पंडित भाई श्री जी का माल्यार्पण कर, शॉल ओढ़ाकर और नारियल भेंट कर भावभीना अभिनंदन किया। इस दौरान गिरधर स्वामी ने व्यासपीठ के सम्मान में अभिनंदन पत्र का वाचन किया।
कथा के समापन के उपलक्ष्य में विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें शहरभर से आए हजारों सनातनी भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। सक्रिय सदस्य पुरुषोत्तम व्यास और मूल सिंह राठौड़ ने व्यवस्थाओं को संभाला, वहीं प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने इस सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
व्यासपीठ से कथा के दौरान सराहनीय सेवाएं देने वाले प्रमुख सदस्यों—गिरधर स्वामी, सुरेश चांडक, मूल सिंह राठौड़, बृजमोहन बिहाणी, शिवजी भा, रवि सुथार, पवन कुमार राठी, प्रहलाद सिंह और सुनीलम पुरोहित को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।


