81 वर्षीय जतना देवी बैद का मरणोपरांत नेत्रदान, दो जिंदगियों में फैलेगा उजाला

81 वर्षीय जतना देवी बैद का मरणोपरांत नेत्रदान, दो जिंदगियों में फैलेगा उजाला
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बीकानेर, 6 जून। तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) गंगाशहर के सहयोग से गंगाशहर क्षेत्र में एक अत्यंत अनुकरणीय और पुनीत कार्य संपन्न हुआ। क्षेत्र की निवासी 81 वर्षीय श्रीमती जतना देवी बैद (धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री चन्द जी बैद) के सांसारिक सफर के पूर्ण होने के बाद परिजनों की सहमति से उनका मरणोपरांत नेत्रदान करवाया गया। इस नेक पहल के माध्यम से दिवंगत महिला के दोनों कॉर्निया सुरक्षित किए गए हैं, जो किन्हीं दो जरूरतमंद लोगों के अंधेरे जीवन को रोशनी से सराबोर करेंगे।

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तेयुप गंगाशहर के अध्यक्ष देवेन्द्र डागा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि परिषद ‘नेत्रदान महादान’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समाज में सदैव सक्रिय और प्रयासरत रहती है। उन्होंने बताया कि इस पुण्य कार्य के लिए आरआर नगर, बेंगलुरु निवासी समाज के युवा साथी प्रवीण बैद ने शोक संतप्त परिवार को प्रेरित किया। प्रवीण बैद की प्रेरणा से बैद परिवार ने इस पुनीत कार्य के लिए अपनी सहज स्वीकृति प्रदान की। दिवंगत जतना देवी के परिजनों में शामिल प्रमोद बैद और विनोद बैद ने आगे आकर मरणोपरांत नेत्रदान करवाने के सभी आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और अपनी अंतिम सहमति दी।

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नेत्रदान की इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करवाने में तेयुप गंगाशहर के नेत्रदान आयाम के संयोजक महावीर फलोदिया ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने रतन नेत्र ज्योति संस्थान के माध्यम से सरदार पटेल नेत्र कोष (आई बैंक) बीकानेर की विशेष टीम से तुरंत संपर्क स्थापित किया और तकनीकी समन्वय कर इस कार्य को समय पर पूरा करवाया। इस संवेदनशील और पुनीत अवसर पर तेयुप गंगाशहर के कोषाध्यक्ष विपिन बोथरा भी पूरे समय मौके पर उपस्थित रहे और उनकी सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

तेयुप गंगाशहर के सहमंत्री धर्मेन्द्र सामसुखा ने बताया कि परिजनों की लिखित स्वीकृति मिलने के बाद रतन नेत्र ज्योति संस्थान की ओर से आए प्रतिनिधि अशोक कोचर द्वारा दिवंगत श्रीमती जतना देवी बैद के दोनों कॉर्निया पूरी चिकित्सकीय गरिमा और आदर के साथ लिए गए। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में भी समाज और मानवता के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए बैद परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरे समाज के लिए एक महान और प्रेरणादायी उदाहरण है। तेयुप गंगाशहर ने इसके लिए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त की है।

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