महापर्व आराधना का पंचम दिवस: आर.आर. नगर में श्रद्धा के साथ मनाया गया व्रत चेतना दिवस
महापर्व आराधना का पंचम दिवस: आर.आर. नगर में श्रद्धा के साथ मनाया गया व्रत चेतना दिवस


बेंगलुरु ,12 सितम्बर । पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का पंचम दिवस आर.आर. नगर स्थित तेरापंथ भवन में मुनि श्री आकाश कुमार जी एवं मुनि श्री हितेन्द्र कुमार जी के पावन सान्निध्य में ‘व्रत चेतना दिवस’ के रूप में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक चेतना के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।


संतों का पावन संदेश: आत्म-सुधार और मघवागणी जी का जीवन-चरित्र
मुनि आकाश कुमार जी: उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “यदि आप संसार से बुराई समाप्त करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने भीतर की बुराई को समाप्त करें। जब व्यक्ति स्वयं को सुधारने का प्रयास करेगा, तो संसार में बुराई स्वतः कम होने लगेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब हमारे भीतर व्रत चेतना जागे। नियमों का पालन करने वाले व्यक्ति के प्रति समाज में विश्वास और सम्मान स्वतः उत्पन्न होता है।


मुनि हितेन्द्र कुमार जी: उन्होंने आचार्य भिक्षु परंपरा के पंचम पट्टधर मघवागणी जी के जीवन-चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जयाचार्य द्वारा उच्च आसन पर प्रतिष्ठित मघवागणी जी अत्यंत कोमल स्वभाव के, सरल और पुण्यवान संत थे। धर्मसंघ में ‘पंडित’ के रूप में सम्मानित मघवागणी जी की सरलता ऐसी थी कि वे कई बार बिना पट्ट के सीधे जमीन पर ही विश्राम कर लेते थे। उनका जीवन सादगी और संयम का अनुपम उदाहरण है।
अणुव्रत गीत की प्रस्तुति एवं सामायिक का आह्वान
कन्या मंडल की प्रस्तुति: कार्यक्रम में कन्या मंडल द्वारा सुमधुर अणुव्रत गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक ‘ॐ अर्हम्’ की मंगलध्वनि की। कन्या मंडल प्रभारी श्रीमती वनिता दूगड़ ने जीवन में छोटे-छोटे व्रतों एवं संकल्पों के महत्व को रेखांकित किया।
सामूहिक सामायिक की अपील: सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ ने सभी श्रद्धालुओं से पर्युषण महापर्व की आराधना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से शनिवार सायं 7:00 से 8:00 बजे तक आयोजित होने वाली सामूहिक सामायिक में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
