कर्म और क्लेश के चक्र को तोड़ने के लिए तप, जप और ध्यान जरूरी- साध्वी त्रिशला कुमारी जी
कर्म और क्लेश के चक्र को तोड़ने के लिए तप, जप और ध्यान जरूरी- साध्वी त्रिशला कुमारी जी
कर्म और क्लेश के चक्र को तोड़ने के लिए तप, जप और ध्यान जरूरी- साध्वी त्रिशला कुमारी जी
पर्युषण महापर्व का छठे दिवस पर आर.आर. नगर में जप दिवस के रूप में हुयी धर्माराधना
नंजनगुड में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया व्रत चेतना दिवस
महापर्व आराधना का पंचम दिवस: आर.आर. नगर में श्रद्धा के साथ मनाया गया व्रत चेतना दिवस
आत्म का सुरक्षा कवच है त्याग, व्रत और नियम- साध्वी उदित यशा जी
अहंकार पतन का द्वार है- साध्वी त्रिशला कुमारी
वाणी संयम से जीवन में आती है मधुरता और समता- मुनि आकाश कुमार
सुखी रहने का सूत्र है वाणी पर संयम- डॉ. मुनि पुलकित कुमार
अध्यात्म साधना का प्रथम सोपान है सामायिक- शासन श्री साध्वी मंजुप्रभा जी
आत्मावलोकन का पर्व है पर्यूषण: डॉ. मुनि पुलकित कुमार