इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के विद्यार्थियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से SEMICON India 2026 में लिया भाग

इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के विद्यार्थियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से SEMICON India 2026 में लिया भाग
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा
  • सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ की अवधारणा पर हुई विस्तृत चर्चा

बीकानेर ,17 सितम्बर । राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ECB) के लगभग 100 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन SEMICON India 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में लाइव सहभागिता की। यशोभूमि, नई दिल्ली में 17 से 19 सितम्बर 2026 तक आयोजित हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखी गई है।

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एनआईएस व जिला प्रशासन के सहयोग से कॉलेज में विशेष व्यवस्था
इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के कॉन्फ्रेंस हॉल में एनआईएस एवं जिला प्रशासन के सहयोग से लाइव स्ट्रीमिंग की समुचित व्यवस्था की गई:

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शिक्षक समन्वयक: डॉ. इंदु भूरिया, श्री अरविंद एवं डॉ. रंजीत सिंह।

छात्र समन्वयक: कानू सिंह, लक्ष्यराज सिंह, महेंद्र, योगेश एवं दुष्यंत।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. इंदु भूरिया ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की भारत में उपयोगिता और इसके विकासशील इकोसिस्टम पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात संकाय सदस्यों व विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के उद्घाटन संबोधन तथा प्रमुख सत्रों का अवलोकन किया।

‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ और भविष्य की तकनीकों पर मंथन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात समापन सत्र में प्राचार्य डॉ. संजीव जैन एवं डॉ. राहुल राज चौधरी ने विद्यार्थियों के साथ सेमीकंडक्टर तकनीक, चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, एआई तथा रोबोटिक्स पर विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने बताया कि इस वैश्विक आयोजन में 20 से अधिक देशों की 500 से अधिक प्रदर्शक कंपनियां भाग ले रही हैं, जो देश के युवाओं के लिए शोध और रोजगार के नए द्वार खोलेगी।

ईसीबी की लैब्स और वीएलएसआई प्रोजेक्ट्स की जानकारी
सत्र के दौरान छात्र दुष्यंत शर्मा एवं लक्ष्यराज सिंह ने कॉलेज में संचालित इनोवेशन लैब, रोबोटिक्स एवं एआई लैब तथा वीएलएसआई (VLSI) लैब में चल रहे सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन प्रोजेक्ट्स की प्रगति साझा की। विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से डीप-टेक नवाचारों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में डॉ. इंदु भूरिया ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।