बीकानेर मेयर चुनाव में डोटासरा से मुलाकात के बाद नवरतन डागा ने नामांकन लिया वापस, अब अनिल कल्ला और सुरेंद्र शेखावत में सीधा मुकाबला
बीकानेर मेयर चुनाव में डोटासरा से मुलाकात के बाद नवरतन डागा ने नामांकन लिया वापस, अब अनिल कल्ला और सुरेंद्र शेखावत में सीधा मुकाबला



बीकानेर ,18 सितम्बर । बीकानेर नगर निगम में महापौर (मेयर) पद के भावी राजनीतिक समीकरण अब पूरी तरह साफ हो गए हैं। कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरने वाले वरिष्ठ नेता नवरतन डागा ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात और चर्चा के बाद डागा ने पार्टी के साथ खड़े रहने की सहमति दी। डागा के पीछे हटने के बाद अब मेयर पद के लिए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधी टक्कर होगी।


80 वार्डों वाले निगम में बहुमत कांग्रेस के पास; 21 सितम्बर को मतदान
सदन में दलीय स्थिति: बीकानेर नगर निगम के कुल 80 वार्डों में से कांग्रेस के पास 42, भाजपा के पास 27, निर्दलीय 10 तथा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) का 1 पार्षद चुनकर आया है।


चुनावी कार्यक्रम: मेयर पद के लिए मतदान 21 सितम्बर को नगर निगम परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसके परिणाम उसी दिन शाम को घोषित होंगे। इसके पश्चात 22 सितम्बर को उप-महापौर (डिप्टी मेयर) पद का चुनाव सम्पन्न होगा।
क्रॉस वोटिंग की आशंका समाप्त: कांग्रेस पार्षद नवरतन डागा द्वारा निर्दलीय दावेदारी ठोकने से पार्टी खेमे में क्रॉस वोटिंग की आशंका गहरा गई थी। हालांकि, डागा की वापसी के बाद कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और पार्टी अब 45 से अधिक मत प्राप्त करने का दावा कर रही है।
बीडी कल्ला के गंभीर आरोप: ‘सीआईडी और दबाव की राजनीति कर रही भाजपा’
पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. बी.डी. कल्ला ने भारतीय जनता पार्टी पर सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का तीखा आरोप लगाया है। कल्ला ने कहा कि भाजपा पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसलमेर स्थित कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी शिविर में सीआईडी अधिकारियों को भेजकर पहचान पत्र (ID Cards) मांगे गए तथा पार्षदों को डराने-धमकाने का काम किया गया। इस संदर्भ में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
भाजपा में प्रत्याशी चयन पर असंतोष; सभी 27 पार्षदों को साधने में जुटी पार्टी
दूसरी ओर, 27 सीटें जीतकर भी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रही भारतीय जनता पार्टी अपने पार्षदों को एकजुट रखने की जुगत में लगी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी द्वारा सुरेंद्र सिंह शेखावत को प्रत्याशी बनाए जाने का भीतर ही विरोध शुरू हो गया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कम से कम तीन पार्षद इस निर्णय के खिलाफ अपनी नाराजगी शीर्ष नेतृत्व के समक्ष दर्ज करा चुके हैं। भाजपा नेतृत्व अपने सभी 27 पार्षदों में से संभावित टूट को रोकने और निर्दलीयों को साधने का प्रयास कर रहा है।
