पिछले 45 वर्षों से निरंतर जारी है भल्ला फाउंडेशन का नि:शुल्क लंगर
पिछले 45 वर्षों से निरंतर जारी है भल्ला फाउंडेशन का नि:शुल्क लंगर



- रामदेवरा मेले में सेवा और सद्भाव की मिसाल
बीकानेर, 20 सितम्बर । राजस्थान की लोक संस्कृति, आस्था और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक प्रसिद्ध रामदेवरा मेले में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र में आयोजित इस मेले में पैदल यात्रियों की सेवा के लिए अनेक संस्थाएं तत्पर हैं, जिनमें ‘भल्ला फाउंडेशन’ की नि:शुल्क लंगर व सेवा परंपरा पिछले 45 वर्षों से अधिक समय से आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है।


सेवा का 45 वर्षों का गौरवशाली सफर
रामदेवरा स्थित धर्मशाला में भल्ला फाउंडेशन द्वारा संचालित यह सेवा केंद्र पिछले साढ़े चार दशकों से अनवरत कार्य कर रहा है। यहाँ लंबी पैदल यात्रा करके पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास, पेयजल और चिकित्सा जैसी तमाम आवश्यक सुविधाएं पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।


आधुनिक व्यवस्थाएं: विशाल जनसमूह को कम समय में शुद्ध व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए यहाँ आधुनिक ऑटोमेटिक रोटी मेकिंग मशीनें लगाई गई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को त्वरित व व्यवस्थित रूप से भोजन परोसा जाता है।
रात-दिन सेवाएं: भोजन के अलावा शुद्ध पेयजल, चाय, दूध, विश्राम हेतु आवास तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दिन-रात उपलब्ध कराई जा रही है।
सामाजिक समरसता का प्रत्यक्ष उदाहरण
बाबा रामदेव के सामाजिक समरसता और भेदभाव-रहित समाज के संदेश को जीवंत करते हुए भल्ला फाउंडेशन के सेवा केंद्र पर किसी भी श्रद्धालु से उसकी जाति, धर्म, क्षेत्र या पहचान नहीं पूछी जाती। यहाँ सेवा का एकमात्र आधार यात्री की आवश्यकता है। यह लंगर रामदेवरा मेले की लोक संस्कृति में मानवीय संवेदना और निःस्वार्थ मानव सेवा की अनुपम मिसाल पेश कर रहा है।
