एसकेआरएयू में कृषि में एआई के उपयोग” पर व्याख्यान आयोजित
एसकेआरएयू में कृषि में एआई के उपयोग" पर व्याख्यान आयोजित

- जेएनयू की प्रो. मंजू खारी ने बताए एआई के फायदे, पश्चिमी राजस्थान का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा स्थापित
बीकानेर, 21 अक्टूबर। कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग और अनुप्रयोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) में बुधवार को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मानव संसाधन प्रबंधन निदेशालय में आयोजित इस कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डॉ. मंजू खारी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।


अपने व्याख्यान में डॉ. मंजू खारी ने बताया कि वर्तमान दौर में एआई तकनीक कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। मिट्टी की नमी, मौसम के पूर्वानुमान और फसल की आवश्यकतानुसार सटीक सिंचाई योजना बनाने, फसलों में लगने वाले रोग व कीटों की समय रहते पहचान करने तथा बाजार के रुझानों व मंडी भावों के विश्लेषण में एआई किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान के लिए एआई आधारित मॉडल विकसित करने पर जोर दिया, ताकि कम संसाधनों में अधिक पैदावार हासिल की जा सके।



कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में पश्चिमी राजस्थान का पहला एआई-आधारित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य एआई तकनीक को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर सीधे किसान के खेतों तक पहुँचाना है। इसी दिशा में कृषि वैज्ञानिकों के ओरिएंटेशन हेतु इस व्याख्यान का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. दीपाली धवन, कृषि संकाय अधिष्ठाता डॉ. विजय प्रकाश, सामुदायिक विज्ञान संकाय अधिष्ठाता डॉ. वीर सिंह, स्नातकोत्तर अध्ययन अधिष्ठाता डॉ. आर.के. वर्मा तथा डीएचआरडी निदेशक डॉ. एच.एल. देशवाल सहित अनेक अधिकारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

