राष्ट्र हित फाउंडेशन ट्रस्ट ने किया डॉ. सिरोही का सम्मान
राष्ट्र हित फाउंडेशन ट्रस्ट ने किया डॉ. सिरोही का सम्मान

- जिस विद्यालय में पढ़े, उसी के संचालक पहुंचे सम्मान करने
- मरीजों की सेवा ही मेरा ध्येय — डॉ. परमेन्द्र सिरोही
बीकानेर, 22 अक्टूबर । पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग की न्यू विंग में राष्ट्र हित फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. परमेन्द्र सिरोही का विशेष सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस आयोजन को उस समय और अधिक आत्मीय बना दिया, जब उस विद्यालय के संचालक एवं ट्रस्टी गजेंद्र सिंह वहाँ पहुँचे, जहाँ से डॉ. सिरोही ने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। अपने ही विद्यालय के पूर्व मेधावी छात्र और चिकित्सक का सम्मान करने पहुँचे गजेंद्र सिंह की उपस्थिति ने इस पल को बेहद खास और भावनात्मक रूप दे दिया।


ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने डॉ. परमेन्द्र सिरोही का माल्यार्पण कर मरीजों और आमजन के प्रति उनके आत्मीय व्यवहार, शालीन व्यक्तित्व तथा उत्कृष्ट सेवाभाव की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि बीमारी से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति के लिए उचित चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ एक डॉक्टर का संवेदनशील और स्नेहपूर्ण व्यवहार भी बहुत मायने रखता है। मरीज की बात धैर्यपूर्वक सुनना और उसके प्रति अपनापन दिखाना चिकित्सक एवं मरीज के बीच के विश्वास को और अधिक मजबूत करता है।



पदाधिकारियों ने डॉ. सिरोही की प्रशंसा करते हुए कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च प्रतिष्ठा प्राप्त होने के बावजूद उनके स्वभाव में जो सहजता और सरलता है, वह उनके महान व्यक्तित्व को दर्शाती है। ऐसे अनुभवी, कुशल और सेवाभावी विभागाध्यक्ष की सेवाएं मिलना बीकानेर की आम जनता के लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
इस गरिमामयी समारोह में पूर्व महापौर एवं ट्रस्टी नारायण चोपड़ा, वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर योद्धा एवं राष्ट्र हित फाउंडेशन ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल हेम सिंह शेखावत, दिल्ली से पधारे कमल लुनावत, शंकरलाल शर्मा, राजेन्द्र सिंह तथा ट्रस्ट के संस्थापक मेवा सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मान ग्रहण करने के पश्चात आभार व्यक्त करते हुए डॉ. परमेन्द्र सिरोही ने कहा, “मरीजों की सेवा करना ही मेरा परम ध्येय है।” उन्होंने सभी पदाधिकारियों का हार्दिक अभिवादन करते हुए विश्वास दिलाया कि वे हमेशा की तरह भविष्य में भी पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मरीजों के हित में समर्पित रहेंगे।

