
बीकानेर, 30 अक्टूबर । मातृभूमि फाउंडेशन द्वारा दीपावली के पावन अवसर पर अपनी नई पहल ‘आनंद सबके लिए’ के अंतर्गत अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली का यह उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस विशेष सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके जीवन में खुशियाँ बाँटना था। इस दौरान सेवा आश्रम नंबर 1 और नंबर 2 में विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन किया गया।


विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन



सेवा आश्रम नंबर 1: यहाँ बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई, जिसमें फाउंडेशन के सभी सदस्यों ने बच्चों को अपने हाथों से स्नेहपूर्वक भोजन कराया और उनके साथ अपने आनंदित पल साझा किए।
सेवा आश्रम नंबर 2: यहाँ बच्चों की पढ़ाई और उनकी दैनिक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए कक्षाओं के वास्ते व्हाइट बोर्ड, बच्चों के लिए गर्म स्वेटर, उपयोगी एजुकेशन किट और शैक्षणिक चार्ट का वितरण किया गया।
त्योहारों की वास्तविक खुशी जरूरतमंदों को साथ बांटने में
कार्यक्रम के संयोजक समर्थ कोचर और कुशल गोयल ने सभी उपस्थित सदस्यों को ‘आनंद सबके लिए’ कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा और जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य ध्येय समाज के जरूरतमंद, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के जीवन में उजाला लाना और त्योहारों की सच्ची खुशियों को उनके साथ मनाना है।
मातृभूमि फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने इस दौरान सभी सदस्यों के सेवा भाव, समर्पण और सक्रिय सहयोग की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘आनंद सबके लिए’ महज एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि इसे दीपावली तक लगातार जारी रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक मदद और खुशियाँ पहुँचाई जा सकें।
इनका रहा विशेष सहयोग
इस नेक और सफल कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने में फाउंडेशन के सक्रिय सदस्यों—सिद्धार्थ नाहटा, सिद्धांत पारख, अमन सुराणा, दिव्यांश सुराणा, सिद्धार्थ बादर, दर्शन भंसाली, ऋषि कुमावत, हर्षित गोयल और धीरज ललानी का विशेष योगदान रहा।
मातृभूमि फाउंडेशन हमेशा से समाज में सेवा, समर्पण और आपसी सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा है। संस्था का यह दृढ़ विश्वास है कि पर्वों की असल सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब हम अपनी खुशियों में उन लोगों को भी भागीदार बनाएं जिन्हें आत्मीयता, स्नेह और सहयोग की सबसे अधिक दरकार होती है।

