

कोयंबतूर, 1 नवंबर । अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल, कोयंबतूर द्वारा शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को स्थानीय तेरापंथ भवन में “मेरी शक्ति की कहानी-मेरी जुबानी” कार्यक्रम का भावपूर्ण एवं सफल आयोजन किया गया।


प्रथम सत्र: प्रेरणादायी और मार्मिक संस्मरणों की प्रस्तुति
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल की बहनों द्वारा सुमधुर मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद महिला मंडल की अध्यक्षा रूपकला भंडारी ने उपस्थित सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया।



प्रथम सत्र में बहनों ने अपने जीवन की प्रेरणादायी, संघर्षपूर्ण और मार्मिक घटनाओं को अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसने सभागार में मौजूद सभी को भावुक कर दिया:
निकिता बांठिया ने कैंसर से अपनी सफल जंग की गाथा साझा की।
हेमा भंसाली ने गर्भकाल से लेकर मुनि नम्र तक के आध्यात्मिक सफर की कहानी अपनी जुबानी सुनाई।
ममता सेठिया ने पीहर और ससुराल दोनों पक्षों के सिद्धांतों को समझकर सूझ-बूझ के साथ सामंजस्य बिठाने के अनुभव साझा किए।
ज्योति सुराणा ने देव, गुरु और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा से जीवन में घटित चमत्कारों का उल्लेख किया।
वंदना पारख ने प्रसव पीड़ा के दौरान तूफान में फंसने की दिल दहला देने वाली घटना बताई।
सुशीला बाफना ने पति की असाध्य बीमारी के समय धर्म और संयम का संबल लेने की मार्मिक कहानी से सभी की आंखें नम कर दीं।
प्रथम सत्र का कुशल संचालन श्रीमती ज्योति बुरड ने किया, जबकि महिला मंडल मंत्री रेखा मरोठी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
द्वितीय सत्र: कन्या मंडल की सदस्य दिशा बुच्चा का विदाई समारोह
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कन्या मंडल की सदस्य सुश्री दिशा बुच्चा का विदाई समारोह आयोजित किया गया। कन्या मंडल की सदस्यों ने मनमोहक नृत्य और वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिशा को उनके अग्रिम जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
महिला मंडल की उपाध्यक्षा बबीता गुनेचा ने मंडल की ओर से दिशा को भावी जीवन की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं एवं महिला मंडल की बहनों ने संस्कारों के 16 श्रृंगार भेंट कर दिशा को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर कन्या मंडल की सदस्य महिमा बोथरा एवं रुचिका मालू ने अपने विचार रखे। द्वितीय सत्र का प्रभावी संचालन कन्या मंडल संयोजिका रुचिका मालू एवं सहसंयोजिका तन्वी बुच्चा ने किया।

