भीनासर गोचर में करुणा की बयार: ‘₹1/- प्रतिदिन योजना’ के 10वें सप्ताह में उमड़ा सेवा भाव
भीनासर गोचर में करुणा की बयार: '₹1/- प्रतिदिन योजना' के 10वें सप्ताह में उमड़ा सेवा भाव



- बीमार गायों के इलाज की व्यवस्था देखी, लखोटिया के बांसुरी वादन ने मोहा मन
बीकानेर, 14 जून। नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट एवं जैन कॉलेज बैच 1992-95 के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही अनूठी ‘₹1/- प्रतिदिन सेवा योजना’ ने रविवार को सफलता के दस सप्ताह पूरे कर लिए हैं। योजना के अंतर्गत 10वें सप्ताह का विशेष सेवा कार्यक्रम रविवार अलसुबह भीनासर गोचर भूमि स्थित गौ चिकित्सालय में अत्यंत श्रद्धा, सेवा और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस दौरान गौसेवा के साथ-साथ करुणा, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।


हरे चारे, जल और लाडू सेवा से महका गोचर क्षेत्र
गौवंश के प्रति जीव दया की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस सप्ताह भी व्यापक स्तर पर सेवा कार्य किए गए। कार्यक्रम के दौरान असहाय, बीमार और आश्रित गौवंश के लिए भारी मात्रा में पौष्टिक हरे चारे की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही गौवंश के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए लाडू (लड्डू) खिलाकर लाडू सेवा संपन्न की गई तथा गोचर क्षेत्र की खेलियों में जल टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई। शिविर में उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गौसेवा वास्तव में मानवता, जीव दया और हमारे सामाजिक उत्तरदायित्व का सबसे श्रेष्ठ और पवित्र माध्यम है।


इन सेवाभावी परिवारों का रहा विशेष सहयोग
योजना को निरंतर गति देने और इस सप्ताह के सेवा कार्यों को मूर्त रूप देने में तीन प्रवासी व स्थानीय परिवारों का मुख्य वित्तीय और नैतिक सहयोग रहा राजेश सुराणा एवं श्रीमती शारदा सुराणा (दिल्ली), राजेन्द्र चौधरी एवं श्रीमती ममता चौधरी (बीकानेर), गणेश दैया एवं श्रीमती बिंदिया दैया (बीकानेर), उपस्थित सभी साथियों ने इन तीनों सेवा सहयोगी परिवारों के इस अनुपम सेवा भाव और समर्पण के प्रति हृदय से आभार व कृतज्ञता व्यक्त की।
गौ चिकित्सालय की आधुनिक व्यवस्थाओं का किया अवलोकन
सेवा कार्यक्रम के अगले चरण में उपस्थित सदस्यों ने भीनासर गौ चिकित्सालय में गंभीर, बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के इलाज व पुनर्वास के लिए उपलब्ध आधुनिक चिकित्सीय व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। इस अवसर पर चिकित्सालय के मुख्य व्यवस्थापक यशवेंद्र चौधरी ने अपनी टीम के साथ उपस्थित होकर अस्पताल में संचालित विभिन्न अत्याधुनिक उपचार पद्धतियों, सर्जरी रूम, एम्बुलेंस सेवाओं तथा बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए किए जा रहे दैनिक प्रयासों की विस्तृत तकनीकी जानकारी दी। सभी साथियों ने अस्पताल के इस समर्पित और सेवाभावी कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
बांसुरी वादन और गीत-संगीत ने घोली वातावरण में मधुरता
गौसेवा के पश्चात संस्थान की गौरवमयी परंपरा का निर्वहन करते हुए सभी उपस्थित स्वयंसेवकों, आगंतुकों और चिकित्सालय स्टाफ को शुद्ध दूध से निर्मित, बीकानेरी अंदाज में तैयार शीतल एवं स्वादिष्ट छाछ का वितरण किया गया, जिसने झुलसाने वाली गर्मी में सभी को राहत दी। इसके बाद कार्यक्रम का समापन एक बेहद आत्मीय और पारिवारिक वातावरण में हुआ, जहां सभी साथियों ने सामूहिक रूप से लोक संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत का आनंद लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ सेवा साथी राजेन्द्र लखोटिया द्वारा प्रस्तुत किया गया मनमोहक बांसुरी वादन रहा। उनकी बांसुरी की मधुर तान ने वहां उपस्थित हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे गोचर परिवेश को आध्यात्मिक सौहार्द से सराबोर कर दिया।
छोटी-सी राशि, बड़ा सेवा भाव: सीए विनोद पारख
योजना के मुख्य संयोजक सीए (CA) विनोद कुमार पारख ने इस अभियान के विजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘₹1/- प्रतिदिन सेवा योजना’ का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग की छोटी-छोटी सहभागिताओं को जोड़कर एक बड़े सामाजिक सरोकार, सेवा और संवेदना के तंत्र को सशक्त बनाना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि पिछले दस सप्ताहों से बिना रुके निरंतर चल रही यह पावन सेवा यात्रा अब बीकानेर समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जीव दया और मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करने का एक जीवंत व प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है।
इस 10 वें सप्ताह के सफल आयोजन में विजय बोथरा, सुशील नागौरी, बृजरतन भोजक, गणेश दैया, राजेन्द्र चौधरी, प्रेम प्रकाश सोनी, राजेन्द्र लखोटिया, राजेश बोथरा, मनीष मूंधड़ा, पुखराज लालानी, मुकेश जांगिड़, विनोद जांगिड़, संजय सेठिया एवं कुमारी लोचन भोजक सहित अनेक सेवा साथियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाकर श्रमदान किया।


