बाफना स्कूल में ‘पांचाली’ नाटक का सफल मंचन: द्रौपदी के चरित्र के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश
बाफना स्कूल में 'पांचाली' नाटक का सफल मंचन-द्रौपदी के चरित्र के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश


बीकानेर, 01 अगस्त । सेठ तोलाराम बाफना एकेडमी (बाफना स्कूल) द्वारा आयोजित मासिक नाट्य श्रृंखला के तहत शनिवार को टी.एम. ऑडिटोरियम में प्रसिद्ध साहित्यकार एवं नाटककार नंदकिशोर आचार्य द्वारा लिखित चर्चित नाटक ‘पांचाली’ का सशक्त मंचन किया गया। बाफना स्कूल थिएटर टीम द्वारा इस नाटक का यह तीसरा मंचन था। इससे पूर्व एसटीबीए (STBA) थिएटर फेस्टिवल–2025 में भी इस प्रस्तुति को काफी सराहना मिल चुकी है।


नगर के वरिष्ठ नाट्यकर्मियों, कला प्रेमियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से खचाखच भरे सभागार में कलाकारों की दमदार प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।


स्कूल के सीईओ एवं प्रधानाचार्य डॉ. पी.एस. वोहरा ने बताया कि बाफना स्कूल प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को रंगमंच की इस अनूठी परंपरा का आयोजन करता है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रंगमंच से जोड़ना, भारतीय संस्कृति व नैतिक मूल्यों से परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मकता व संवेदनशीलता का विकास करना है।
नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन स्कूल के थिएटर फैकल्टी रोहित बोड़ा ने किया। नाटक में द्रौपदी (पांचाली) का मुख्य किरदार स्कूल शिक्षिका सपना ने निभाया। अपने जीवंत और प्रभावकारी अभिनय के जरिए उन्होंने स्त्री के संघर्ष, गरिमा, स्वाभिमान और अधिकारों की कहानी को मंच पर प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों की खूब तालियां मिलीं। प्रस्तुति के माध्यम से नारी सशक्तिकरण की एक बेहद प्रभावी झलक देखने को मिली।
समारोह के समापन पर नाटक के सभी बाल कलाकारों और सहयोगी दल को सम्मानित किया गया।


