दहेज और प्रताड़ना की रूह कंपा देने वाली दास्तां, दो बेटियों संग नहर में कूदी मां
दहेज और प्रताड़ना की रूह कंपा देने वाली दास्तां, दो बेटियों संग नहर में कूदी मां



सुसाइड नोट में लिखा- ‘होश खोने तक पीटते थे पति और सास’


बीकानेर, 6 मार्च । राजस्थान के बीकानेर जिले से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। छतरगढ़ थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के किनारे एक महिला अपनी दो मासूम बेटियों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। नहर के आरडी 507 के पास महिला की चप्पलें, ओढ़नी (लुगड़ी) और गहनों के साथ एक हृदयविदारक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसने अपनी बेटियों सहित नहर में कूदकर जान दे दी है।


सुसाइड नोट में बयां किया दर्द: ‘बेहोश होने तक होती थी पिटाई’
गले के हार के नीचे दबे मिले सुसाइड नोट में महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि उसका पति और सास मिलकर उसे तब तक पीटते थे जब तक कि वह बेहोश नहीं हो जाती थी। पत्र में उल्लेख है कि उसकी सास शराब की आदी है और उसे पीहर जाने तक की इजाजत नहीं थी। महिला ने अपनी बेटियों को साथ ले जाने के पीछे तर्क दिया कि “मेरे जाने के बाद मेरी बच्चियों का वारिस कौन होगा?” उसने पुलिस से हाथ जोड़कर अपील की है कि उसकी मौत के लिए केवल उसके पति और सास को ही जिम्मेदार ठहराया जाए और किसी अन्य को परेशान न किया जाए।
नहर में सर्च ऑपरेशन जारी, परिजनों में कोहराम
खाजूवाला डीएसपी अमरजीत चावला ने बताया कि सूचना मिलते ही छतरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम को बुलाया गया है, जो नहर के ठंडे पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। फिलहाल महिला और उसकी दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही सतासर और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में नहर किनारे एकत्र हो गए हैं। खाजूवाला DSP अमरजीत चावला ने बताया – सतासर के पास नहर किनारे महिला के चप्पल और लुगड़ी मिले हैं। गले के हार से दबा हुआ सुसाइड नोट मिला है। सूचना मिलते ही छतरगढ़ थानाधिकारी नवनीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की।
सुसाइट नोट में लिखा-मुझे रात में पिटते हैं
मेरा नाम … है। मेरे पति का नाम …. है और मेरा गांव … है। वह (पति) पिछले एक साल से हर दिन मेरे साथ मारपीट करता है। वह रोज गाली-गलौच करता है और उसकी मां, जो मेरी सास है, वह भी मेरे साथ मारपीट करती है। मेरी सास भी साथ मिलकर मुझे रात को पीटती है। जब मेरे घरवाले अचानक आए तो उन्होंने कुछ नहीं किया। अपने परिवार वालों ने भी मेरे साथ मारपीट की। जब मैं पुलिस थाने नाल जाने लगी तो मेरी सास ने मुझे पकड़ लिया और मेरे पति को बुलाया, जो उस समय बाहर था। फिर उन्होंने मुझे अंदर बंद कर दिया और मेरे साथ मारपीट की। इतनी मारपीट की कि मैं बेहोश हो गई।
बेहोश होने तक पीटते हैं
करीब आधे घंटे बाद मुझे होश आया। बाद में मैंने सोचा कि मैं मर जाऊं। फिर दो दिन बाद मैं वहां से जाने लगी। जब मैं गली से निकल रही थी तो मेरे पति ने मुझे पकड़ लिया। वह मुझे वापस ले आया और फिर मारपीट की। तब मैंने सोचा कि इस जिंदगी से तो मर जाना ही अच्छा है। मैंने ऐसा सोचा भी नहीं था कि मेरे साथ ऐसा होगा। वह मुझे मेरी मां के पास भी नहीं जाने देते हैं। मुझे अपनी जान का खतरा है। मेरा पति और मेरी सास मिलकर मेरे साथ मारपीट करते हैं।
मुझे मेरे पापा के घर भेज दिया गया। मेरे पापा और मम्मी का तलाक हो चुका है। फिर भी मेरे ससुराल वालों के साथ मिलकर मुझे मेरे घर बुलाया गया। वहां मेरे पापा … और मेरे पति-ससुर ने मुझे इतना पीटा कि दो घंटे तक मुझे होश नहीं आया। इसके बाद दूसरे दिन मेरे पापा के साथ मुझे मालीगढ़ भेज दिया गया।
लिखा-पति और सास जिम्मेदार
मैना ने लिखा- मैं अपनी बच्चियों को साथ में ले जा रही हूं आत्महत्या करने के लिए। क्योंकि मेरी सास शराब की आदी है और मेरे जाने के बाद मेरी बेटियों का वारिस कौन बनेगा? पुलिस से अपील की है कि उसकी मौत के लिए पति … और सास … को जिम्मेदार है। इनके बहकावे में आकर किसी और झूठा दोषी नहीं ठहराया जाए।
जांच के घेरे में ससुराल और पीहर पक्ष
सुसाइड नोट में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता के तलाक के बाद भी उसके ससुराल वालों ने पिता के साथ मिलकर उसे बुरी तरह पीटा था। पुलिस अब सुसाइड नोट में लिखे नामों और आरोपों के आधार पर ससुराल पक्ष के लोगों को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता अभी तीनों को नहर में तलाशने की है, साथ ही कानूनी कार्रवाई भी समानांतर रूप से जारी है।
