चैत्र नवरात्रि पर बीकानेर में उतरेंगे ‘देवता’, जगद्गुरु वसंत विजयानंद जी के सान्निध्य में रचेगी धर्मनगरी
चैत्र नवरात्रि पर बीकानेर में उतरेंगे 'देवता', जगद्गुरु वसंत विजयानंद जी के सान्निध्य में रचेगी धर्मनगरी



बीकानेर, 12 मार्च । छोटी काशी के रूप में विख्यात बीकानेर की पावन धरा पर इस चैत्र नवरात्रि एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक समागम होने जा रहा है। तमिलनाडु के कृष्णगिरी स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु पूज्यपाद 1008 वसंत विजयानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन में 19 मार्च से 29 मार्च तक ‘विराट कथा यज्ञ’ का आयोजन किया जाएगा। इस 11 दिवसीय अनुष्ठान के दौरान बीकानेर में भक्ति, साधना और भव्यता का ऐसा संगम दिखेगा जो दशकों तक याद रखा जाएगा।


रातों-रात खड़े होंगे 14 भव्य देवालय
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता चतुर्दश देवालयों का निर्माण है। अग्रवाल भवन परिसर में रातों-रात 35 से 45 फीट ऊंचे प्रतीकात्मक मंदिरों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें प्रथम पूज्य गणपति और भैरव नाथ सहित 14 देवी-देवता भक्तों को जीवंत दर्शन देंगे। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी साक्षात देवलोक की अनुभूति से कम नहीं होगा।


दिव्य साधना: कुबेर-लक्ष्मी वास और अद्भुत शिवलिंग
ट्रस्ट सदस्य संकेश जैन ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस अनुष्ठान में केवल कथा ही नहीं, बल्कि गहन तांत्रिक और वैदिक साधनाएं भी होंगी:
कुबेर लक्ष्मी साधना: प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक पायरेट कुबेर लक्ष्मी यंत्र एवं 1008 जीबू कॉइन का दिव्य साधना शिविर आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख-समृद्धि का स्थाई वास सुनिश्चित करना है।
9 कुंडीय विराट यज्ञ: काशी के विद्वान पंडितों द्वारा 9 कुंडीय महायज्ञ संपन्न कराया जाएगा, जिसमें क्विंटल भर समिधाओं की आहुतियों से पूरा वातावरण शुद्ध और सुगंधित होगा।
समृद्धि कलश: 500 दिव्य समृद्धि कलशों की स्थापना की जाएगी, जिनमें 351 दुर्लभ धार्मिक सामग्रियों का सिद्धि विधान किया जाएगा।
अद्भुत शिवलिंग: अनुष्ठान स्थल पर स्थापित होने वाला विशेष शिवलिंग भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
भजन संध्या और निःशुल्क भोजन प्रसादी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजकों ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं:
महाप्रसादी: प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक सभी आगंतुकों के लिए निःशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: रात्रि 10:30 बजे से देश के ख्याति प्राप्त कलाकार भजन संध्या के माध्यम से भक्ति की सरिता बहाएंगे।
यह आयोजन बीकानेर की आध्यात्मिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है, जहाँ समुद्र किनारे से आए जगद्गुरु थार के रेगिस्तान को भक्ति रस से सराबोर कर देंगे।
