तबादलों और पदोन्नति पर बनी सहमति; मार्च में जारी होगी स्कूलों की CSG राशि
तबादलों और पदोन्नति पर बनी सहमति; मार्च में जारी होगी स्कूलों की CSG राशि


- शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शासन सचिव से की उच्च स्तरीय वार्ता
बीकानेर, 26 फरवरी। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में गुरुवार को शासन सचिव (शिक्षा) कृष्ण कुणाल और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से मुलाकात की। फाल्गुन शुक्ल दशमी के शुभ अवसर पर हुई इस वार्ता में शिक्षकों के स्थानांतरण, लंबित पदोन्नतियों और वेतन विसंगतियों सहित कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शासन सचिव ने संगठन की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया है।
कंप्यूटर अनुदेशकों और पदोन्नति के लिए संगठन के कड़े सुझाव


प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार लखारा के अनुसार, संगठन ने शिक्षा विभाग के सुदृढ़ीकरण हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे।


कंप्यूटर शिक्षा: सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर विज्ञान को सशक्त बनाने के लिए अनुदेशक कैडर का सुदृढ़ीकरण, पदनाम परिवर्तन और वेतन विसंगति दूर करने की मांग की गई।
अस्थायी पदोन्नति: तृतीय श्रेणी शिक्षकों को वरिष्ठ अध्यापक के पदों पर डीपीसी नियमानुसार अस्थायी पदोन्नति देकर रिक्त पदों को भरने का सुझाव दिया गया।
नए जिलों का प्रभाव: नए जिलों के गठन के बाद शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति में विकल्प (Option) प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
रुके हुए वित्तीय कार्यों को मिलेगी गति: मार्च में आएगा बजट
शिक्षकों और विद्यालयों के लिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत के संकेत मिले हैं .
CSG राशि: विद्यालयों के संचालन हेतु आवश्यक ‘कंपोजिट स्कूल ग्रांट’ (CSG) सहित विभिन्न मदों की राशि मार्च माह में जारी कर दी जाएगी।
बकाया वेतन: ग्रीष्मावकाश के बकाया वेतन भुगतान हेतु पूरे प्रदेश में एक समान आदेश जारी करने पर सहमति बनी है।
MACP प्रकरण: एसीआर (ACR) की अनुपलब्धता की स्थिति में केवल ‘सेवा संतोषजनक प्रमाण पत्र’ के आधार पर एमएसीपी स्वीकृत करने की मांग रखी गई।
महात्मा गांधी स्कूल और स्टाफिंग पैटर्न पर शीघ्र निर्णय
प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि शासन सचिव से वार्ता के दौरान स्टाफिंग पैटर्न को जल्द लागू करने और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के भविष्य के संबंध में शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। साथ ही, एसआईआर (SIR) से प्रभावित व्याख्याताओं के कार्यमुक्ति और कार्यग्रहण पर लगी रोक हटाकर आदेश जारी करने पर भी उच्चाधिकारियों ने सहमति जताई है।
प्रतिनिधिमंडल की आशावादी प्रतिक्रिया
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिंदल, उपाध्यक्ष सुषमा विश्नोई और सभाध्यक्ष संपत सिंह सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। संगठन के नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि शासन सचिव स्तर की यह वार्ता शिक्षा जगत में ‘नवीन सौगात’ लेकर आएगी, जिससे शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार होगा और लंबे समय से अटके हुए प्रशासनिक कार्य पूर्ण होंगे।
