पे-प्रोटेक्शन के नाम पर वसूली बंद हो, शिक्षकों के लंबित वित्तीय परिलाभों का हो समयबद्ध भुगतान की मांग
पे-प्रोटेक्शन के नाम पर वसूली बंद हो, शिक्षकों के लंबित वित्तीय परिलाभों का हो समयबद्ध भुगतान की मांग

बीकानेर, 28 अक्टूबर । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा ने शिक्षा विभाग में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कार्मिकों से जुड़े विभिन्न वित्तीय प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की पुरजोर मांग की है। महासंघ ने पे-प्रोटेक्शन के नाम पर की जा रही वसूली के आदेशों को निरस्त करने, उपार्जित अवकाश के नकदीकरण पर लगी अघोषित रोक हटाने, सेवानिवृत्ति परिलाभों का समयबद्ध भुगतान करने तथा मकान किराया भत्ता (HRA) वसूली के आदेशों को वापस लेने की मांग को लेकर वित्त विभाग से प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की है।


महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं-



पे-प्रोटेक्शन वसूली पर रोक: महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा ने कहा कि कार्मिकों के सेवा संबंधी एवं वित्तीय प्रकरणों का निस्तारण न्यायसंगत ढंग से होना चाहिए। प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक विसंगतियों का आर्थिक भार कर्मचारियों पर डालना बिल्कुल उचित नहीं है।
उपार्जित अवकाश नकदीकरण और सेवानिवृत्ति परिलाभ: प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने मांग की कि उपार्जित अवकाश के नकदीकरण पर लगी अघोषित रोक को तुरंत हटाया जाए और पात्र कार्मिकों के लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया परिलाभों का प्राथमिकता से भुगतान हो।
मकान किराया भत्ता (HRA) वसूली आदेश निरस्त हों: प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कार्यरत शिक्षा विभाग के जिन कार्मिकों के पदों की स्वीकृति वित्त विभाग से जारी नहीं हुई है, उनसे प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक कारणों से ग्रामीण दर से HRA आहरित करने के नाम पर वसूली करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने इन वसूली आदेशों को तुरंत निरस्त करने की मांग की।
सकारात्मक निर्णय का आग्रह: प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश विश्नोई ने वित्त विभाग से आग्रह किया है कि इन सभी मामलों में सकारात्मक निर्णय लेते हुए लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं, जिससे वर्तमान और सेवानिवृत्त कार्मिकों को आर्थिक राहत मिल सके।

