अर्हम इंग्लिश एकेडमी को मिली भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से मान्यता

अर्हम इंग्लिश एकेडमी को मिली भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से मान्यता
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quicjZaps 15 sept 2025
  • बीकानेर में आधुनिक ‘गुरुकुल’ की शुरुआत

बीकानेर, 14 मार्च । शिक्षा के क्षेत्र में बीकानेर ने आज एक नया इतिहास रचा है। शहर के शिक्षण संस्थान अर्हम इंग्लिश एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से आधिकारिक संबद्धता प्राप्त हो गई है। खास बात यह है कि यह बीकानेर का ऐसा पहला स्कूल बन गया है जिसे इस केंद्रीय स्तर के बोर्ड की मान्यता मिली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के चेयरमैन सुनील रामावत और सचिव सुरेंद्र कुमार डागा ने बोर्ड की विशेषताओं और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

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क्या है भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) की खासियत?
भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार द्वारा स्थापित एक केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है, जिसका उद्देश्य आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ना है।
आधुनिक शिक्षा के साथ प्राचीन ज्ञान: विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के साथ-साथ वेद, योग, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन और संस्कृत की शिक्षा भी दी जाएगी।

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भारतीय पहचान वाले कक्षा कक्ष: स्कूल के कमरों के नाम महान ऋषियों, स्वतंत्रता सेनानियों और विद्वानों के नाम पर होंगे। वहीं, पाठ्यक्रमों की पुस्तकों के नाम भारतीय 27 नक्षत्रों के नाम पर रखे गए हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं पर ध्यान: पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विद्यार्थी स्कूल के साथ ही IAS, IPS, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकें। इसमें तर्कशक्ति (Reasoning) और करंट अफेयर्स पर विशेष जोर दिया गया है।

विदेशी भाषाएं भी अनिवार्य: आधुनिक विश्व के साथ तालमेल बिठाने के लिए पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को भी शामिल किया गया है।

“मेरा सपना हुआ साकार” – सुरेंद्र डागा
विद्यालय के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार डागा ने भावुक होते हुए कहा कि उनका सपना था कि बीकानेर के बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले जहाँ वे ‘सनातन संस्कार’ सीखें और अपने माता-पिता व गुरुओं का सम्मान करना जानें। उन्होंने कहा, “BSB की संबद्धता मिलने से अब अर्हम एकेडमी एक आधुनिक गुरुकुल के रूप में उभरेगी, जो छात्रों में सत्य, अहिंसा, करुणा और राष्ट्रप्रेम की चेतना जागृत करेगी।”

चेयरमैन सुनील रामावत का विजन
संस्थान के चेयरमैन सुनील रामावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप यह बोर्ड कौशल आधारित शिक्षा (Skill-based Education) पर केंद्रित है। अब स्कूल में विज्ञान, वाणिज्य और कला (Science, Commerce & Arts) तीनों संकायों में पढ़ाई होगी, जिसमें छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई जाएगी।

परंपरा और तकनीक का संगम
प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि स्कूल की गतिविधियों में योग, प्राणायाम और देसी खेलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस नई पहल से अभिभावकों और सनातन जगत में खुशी का माहौल है, क्योंकि अब विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ-साथ वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

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