उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की तबीयत बिगड़ी
उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की तबीयत बिगड़ी

- राजस्थान हाईकोर्ट से मिली है 20 दिन की पैरोल
जोधपुर, 23 अक्टूबर । नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की शुक्रवार को उज्जैन में अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के चलते वे उज्जैन के शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म कराने नहीं जा सके और अंकपात रोड स्थित आश्रम में ही विश्राम किया।


आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से स्वास्थ्य संबंधी कारणों से 20 दिन की पैरोल मंजूर हुई है, जिसके तहत वे इन दिनों जेल से बाहर हैं।



उज्जैन में चल रहा है पंचकर्म उपचार
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, आसाराम 21 अक्टूबर को उज्जैन पहुँचे थे और बुधवार तथा गुरुवार को धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म उपचार के लिए गए थे। हालांकि, शुक्रवार को सीने में दर्द उभरने के कारण वे अस्पताल नहीं पहुँचे। जानकारों के मुताबिक, वे लंबे समय से सिर और कमर दर्द से पीड़ित हैं, जिसके लिए डॉक्टरों ने 14 दिनों तक पंचकर्म कराने की सलाह दी है। स्वास्थ्य में सुधार होने पर शनिवार को उनके दोबारा अस्पताल जाने की संभावना है।
कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली थी पैरोल
स्वास्थ्य के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा 20 दिन की पैरोल मंजूर होने के बावजूद आदेश लागू न होने पर आसाराम के वकीलों ने अदालत का रुख किया था। याचिका में बताया गया था कि 3 अगस्त 2026 को स्वीकृत पैरोल की अनुपालना नहीं हो रही है। इस पर सुनवाई करते हुए 6 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें गुजरात के एक अन्य मामले का हवाला दिया गया था। कोर्ट ने सरकार को तत्काल पैरोल पर रिहा कर अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
उल्लेखनीय है कि आसाराम को 2013 में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, इसके अलावा उन्हें गांधीनगर (गुजरात) की अदालत से भी उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। वर्तमान में उज्जैन स्थित आश्रम में उनके पहुँचने के बाद से अनुयायियों का आना-जाना लगातार बढ़ गया है।

