बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर सरकारी समाचार
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
  • जल संरक्षण आधारित बागवानी पर कृषक सेमिनार सम्पन्न
  • जल संरक्षण आधारित बागवानी से किसानों की समृद्धि व खुशहाली का मार्ग होगा प्रशस्त- डॉ दीपाली धवन

बीकानेर, 24 फरवरी। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ‘संरक्षण आधारित बागवानी-सतत विकास का मार्ग’ विषयक सेमिनार मंगलवार को स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

दो दिवसीय सेमिनार के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय की निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ दीपाली धवन थी। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण आधारित बागवानी से ही किसानों की समृद्धि व खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा। छात्र कल्याण निदेशक डॉ एच एल देशवाल ने बताया कि मृदा नमी संरक्षण, वर्षा जल संचयन व सूक्ष्म सिंचाई तकनीक द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देकर ही किसान आर्थिक रूप से सक्षम बन सकते है। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिशंकर आचार्य ने राज्य सरकार द्वारा 2 वर्षों में किसान हित में उठाए गए विभिन्न ऐतिहासिक कदमों व उपलब्धियों की जानकारी दी।सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने कहा कि जिले में सब्जी उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। किसान, जल संरक्षण तकनीकी बूंद-बूंद सिंचाई के महत्व को समझें। अगेती सब्जी फसल लेकर किसान समय पूर्व उपज प्राप्त कर अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) भाग्यश्री गोदारा ने किसानों के साथ विभिन्न राज्य योजनाओं के बारे में चर्चा की। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान डॉ. हनुमान ने बताया कि किसान सरक्षित खेती के महत्व को समझें। जल संरक्षण व बचत तकनीकी का उपयोग करते हुए पोली हाउस खेती से किसान समृद्ध व खुशहाल हो सकते हैं। कृषि अधिकारी उद्यान रमेश भाम्भू ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा देय विभिन्न अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी। शुष्क बागवानी संस्थान के डॉ रामकेश मीणा ने अनार, बैर, सिट्रस, खजूर फल-बगीचा स्थापना की उन्नत तकनीकी के संदर्भ में बताया। संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ रेणु वर्मा ने बताया कि जल संरक्षण आधारित बागवानी वर्तमान समय की मांग है। किसान अधिक से अधिक सूक्ष्म सिंचाई, पॉली हाउस, लॉ-टनल, मल्चिंग जैसी जल सरंक्षित खेती को अपनाकर आमदनी को बढ़ावा दें।
सेमिनार में जिले के 100 से अधिक युवा प्रगतिशील नवाचारी उद्यान किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उद्यान विभागीय अधिकारी डॉ विजय कुमार बधाई, जोधराज कालीरावणा, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरूद्ध, पुष्पेन्द्र सिंह, धर्मपाल, बनवारीलाल सैनी, करणीदान चारण, ओमप्रकाश गोदारा, शिवभगवान इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने किया।
*****

pop ronak
  • मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के नाम लिखी ‘पाती’
  • किसानों को वितरण हुआ शुरू, राज्य सरकार द्वारा किसान हित से जुड़ी उपलब्धियों और निर्णय की दी जानकारी

बीकानेर, 24 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा द्वारा युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए पाती लिखी गई है। मंगलवार को जिले में इस पाती के वितरण की शुरूआत किसानों को पाती वितरण के साथ हुई।
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह के दौरान जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य, उद्यान विभाग की संयुक्त निदेशक रेणु वर्मा, सहायक निदेशक मुकेश गहलोत, कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय की निदेशक डाॅ. दीपाली धवन, छात्र कल्याण निदेशक डाॅ. एचएस देशवाल तथा विश्वविद्यालय की सहायक निदेशक (जनसंपर्क) भाग्यश्री गोदारा ने इसकी शुरूआत की। आचार्य ने बताया कि मुख्यमं इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि छह से बढ़ाकर नौ हजार रुपए की गई है।
इससे प्रदेश के 76 लाख से अधिक किसानों को अब तक 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुई है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से अब किसानों को 125 दिनों का रोजगार और आय सुरक्षा निश्चित होगी। राजस्थान कृषक समृद्धि योजना के तहत गेहूं खरीद पर दिए गए बोनस से 2.67 लाख किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि किसानों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में 3 हजार 481 करोड़ रुपए की सहायता दी गई हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6 हजार 415 करोड़ रुपए के दावों का भुगतान किया गया है।
सहायक निदेशक (जनसंपर्क) गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार ने सिंचाई और ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। करीब एक लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की नई सुविधाएं विकसित की गई हैं। बिजली बिलों में 48 हजार 591 करोड़ रुपाए की सब्सिडी और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन दिए गए हैं। मुकेश गहलोत ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया और कहा कि किसानों की आय बढ़े तथा उन्हें मेहनत का पूरा मूल्य मिलने के साथ उनका भविष्य सुरक्षित हो, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विभिन्न सेवाओं के क्यूआर कोड किए अंकित
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित इस पाती में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की हैल्पलाइन, पीएम कुसुम योना के आधिकारिक पोर्टल, राज किसान साथी, राज सहकार पोर्टल सहित राज किसान गिरदावरी ऐप, अटल जल सहित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन से जुड़ी जानकारी के अलावा विभिन्न सेवाओं के क्यूआर कोड प्रकाशित किए गए हैं, जिससे सूचना तकनीक का उपयोग करते हुए किसान इससे जुड़े पोर्टल तक पहुंच जाए। आचार्य ने बताया कि जिले के कृषि, पशुपाल एवं उद्यानिकी विभाग के अलावा स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय एवं पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक यह पाती पहुंचाई जाएगी।

बुधवार को महिलाओं और गुरुवार को युवाओं के नाम पाती का होगा वितरण
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा बुधवार को महिलाओं के नाम मुख्यमंत्री की पाती का वितरण बीछवाल स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र से प्रारम्भ किया जाएगा। यह पाती

महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता विभाग तथा राजीविका के माध्यम से महिलाओं को वितरित की जाएगी। वहीं युवाओं के नाम मुख्यमंत्री की पाती का वितरण गुरुवार को संभाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय में आयोजित समारोह में किया जाएगा। यह पाती आरएसएलडीसी, रोजगार विभाग, मंडल पुस्तकालय आदि के माध्यम से वितरित की जाएगी।
*****
विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र: लंबित आवेदनों के निस्तारण का शिविर 27 तक बढ़ाया
बीकानेर, 24 फरवरी। विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए शास्त्री नगर रोड स्थित वीर सदन के पास पीएमआर में आयोजित शिविर 27 फरवरी तक बढ़ाया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पवार ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार 11 से 24 फरवरी तक यह शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र के लंबित आवेदनों के विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। इसकी तिथि को 27 फरवरी तक बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि इस स्वावलंबन पोर्टल के अनुसार जिले में यूडीआईडी कार्ड से वंचित दिव्यांगों की संख्या 3 हजार 877 है। उन्होंने बताया कि विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र के लंबित प्रकरणों और वंचित सभी दिव्यांग जनों को शिविरों में पहुंचने के लिए सूचित किया जा रहा है। भारत एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिव्यांग जनकल्याणार्थ योजनाओं के लाभ के लिए विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र आवश्यक है। विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र बनाने के लिए दिव्यांग को ईमित्र केंद्र पर किए गए आवेदन और आधार कार्ड साथ लाना आवश्यक है।
*****
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/ लर्निंग पॉलिसी-2026 पर नॉलेज सीरिज- एपिसोड 3 का आयोजन

बीकानेर/जयपुर, 24 फरवरी। राजस्थान फाउंडेशन (राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग) द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान सरकार के सहयोग से नॉलेज सीरीज – एपिसोड 3 के अंतर्गत राजस्थान “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस / मशीन लर्निंग पॉलिसी 2026” विषय पर बुधवार को सायं 5:30 से 6:30 बजे ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जाएगा।

राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने बताया कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस / मशीन लर्निंग पॉलिसी —2026 के प्रमुख प्रावधानों, ए.आई. के व्यावहारिक उपयोग तथा युवाओं, उद्यमियों, व्यवसायियों, विद्यार्थियों और प्रवासी राजस्थानियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा करना है।

इस सत्र के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारियों द्वारा एक प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रख्यात उद्यमी, लेखक एवं फ्यूचरिस्ट – डॉ. अजय डाटा दैनिक जीवन के लिए ए.आई. का प्रभावी उपयोग एवं अपने व्यवसाय को सुदृढ़, प्रतिस्पर्धी एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।

यह एक रोचक ऑनलाइन सत्र होगा, जिसमें इच्छुक व्यक्ति https://rajasthan-gov.webex.com/rajasthan-gov/j.php?MTID=ma199b4ba3aaf4f908d92e3fdc5a6b3f5 लिंक पर पासवर्ड jaipur123 के माध्यम से भाग ले सकते है।
*****

  • प्रदेश में कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा
  • – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

जयपुर, 24 फरवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में सभी पात्र आवेदनकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि खाद्य सुरक्षा पोर्टल 26 जनवरी 2025 को खोला गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री रामस्वरूप लाम्बा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सीलिंग सीमा 4,46,61,960 निर्धारित की गई है। इस सीमा के अनुसार उपलब्‍ध रिक्‍त स्‍थानों के विरुद्ध वंचित पात्र लाभार्थियों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किये जाने हेतु कार्यवाही जारी है।
इससे पहले सदस्य श्री लाम्बा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत नवीन अथवा वंचित पात्र एवं जरूरतमन्द परिवार, व्यक्तियों का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ने हेतु 26 जनवरी 2025 से पोर्टल खोला गया है। तत्पश्चात् विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में 12 फऱवरी 2026 तक ब्लॉक/नगरपालिका में कुल 3,457 आवेदन प्राप्‍त हुये हैं, जिनमें से 2,437 आवेदन स्वीकार किए गये तथा 137 आवेदन निरस्त किए गये।
श्री गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने हेतु निर्धारित मापदण्ड “राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1” में निष्कासन मानदण्डों के अन्तर्गत होने एवं समावेशन श्रेणी के दस्‍तावेजों के अभाव में आवेदन निरस्त किए गये।
विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में उक्त योजनान्तर्गत स्थिति 12 फरवरी 2026 अनुसार 221 आवेदन लम्बित हैं, खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने हेतु निर्धारित मापदण्‍ड ‘’राजस्‍थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1’’ में उल्‍लेखित 32 समावेशन श्रेणियों में से किसी भी एक श्रेणी की पात्रता होने एवं निष्‍कासन मानदण्‍डों के अन्‍तर्गत नहीं आने पर लम्बित आवेदनों का नियमानुसार निस्‍तारण जारी है। उन्होंने उन्होंने ब्लॉक -नगरपालिकावार आवेदनों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *