बीकानेर मास्टर प्लान-2043 का गजट नोटिफिकेशन जारी, गोचर भूमि ‘स्पेशल पेरिफेरी जोन’ में सुरक्षित; शहर के विकास का रोडमैप तैयार
बीकानेर मास्टर प्लान-2043 का गजट नोटिफिकेशन जारी


बीकानेर, 18 मार्च । बीकानेर शहर के आगामी 20 वर्षों के सुनियोजित विकास के लिए तैयार की गई ‘मास्टर विकास योजना-2043’ पर राज्य सरकार ने आधिकारिक मुहर लगा दी है। मंगलवार, 17 मार्च 2026 को शासन सचिव कलराज मीणा के हस्ताक्षरों के साथ इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) बोर्ड द्वारा 9 मार्च को दी गई मंजूरी के बाद अब यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।


गोचर भूमि पर ऐतिहासिक फैसला: सुरक्षित रहेगा चारागाह
मास्टर प्लान-2043 का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू गोचर (चारागाह) भूमि का संरक्षण है। सरकार ने स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए नगरीकरण क्षेत्र में आने वाली समस्त गोचर भूमि को ‘स्पेशल पेरिफेरी जोन’ (Special Area) में रखा है।
सुरक्षा कवच: अब इस भूमि का उपयोग परिवर्तन या खरीद-फरोख्त बिना राज्य सरकार की उच्च स्तरीय स्वीकृति के संभव नहीं होगा।


BDA पर रोक: बीकानेर विकास प्राधिकरण अब अपने स्तर पर इन क्षेत्रों में कोई भी आवासीय योजना या कॉलोनी विकसित नहीं कर सकेगा, जिससे गायों के चारे के लिए आरक्षित भूमि सुरक्षित रहेगी।
जनता के सुझावों और आपत्तियों का निस्तारण
योजना को अंतिम रूप देने से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया गया। 27 अगस्त 2025 को सार्वजनिक किए गए ड्राफ्ट पर कुल 227 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए थे.
स्वीकृति: विशेषज्ञों की समिति ने 26 आपत्तियों को पूर्णतः और 25 को आंशिक रूप से स्वीकार कर योजना में आवश्यक संशोधन किए।
खारिज: 40 आपत्तियों को तकनीकी आधार पर अस्वीकार्य पाया गया, जबकि 136 बिंदुओं पर किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं समझी गई।
शहर के भविष्य के लिए मास्टर स्ट्रोक: प्रमुख प्रावधान
मास्टर प्लान में बीकानेर की बदलती भौगोलिक स्थिति और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं:
नए क्षेत्र शामिल: शोभासर, गंगाशहर, भीनासर, नत्थूसर और उदयरामसर जैसे प्रमुख आबादी क्षेत्रों को पहली बार योजनाबद्ध तरीके से मास्टर प्लान के दायरे में लाया गया है।
लॉजिस्टिक हब: शहर में बढ़ते व्यापार को देखते हुए विशिष्ट लॉजिस्टिक हब और ट्रांसपोर्ट नगर के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं।
सड़क चौड़ीकरण: रेलवे स्टेशन से रेलवे ग्राउंड तक 60 फीट चौड़ी सड़क का प्रस्ताव है, जिसके दोनों ओर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी।
विरासत संरक्षण: बीकानेर के ऐतिहासिक भवनों और परकोटे की प्राचीन सुंदरता को बचाने के लिए विशेष संरक्षण योजनाएं तैयार की जाएंगी।
यह गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब बीकानेर में निर्माण कार्यों, सड़क नेटवर्क और लैंड यूज (भू-उपयोग) के सभी नियम मास्टर प्लान-2043 के मानकों के अनुसार ही तय होंगे।
