विद्यार्थियों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर, डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड से बचने के टिप्स
विद्यार्थियों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर, डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड से बचने के टिप्स


- इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में ‘संचार साथी’ ओरिएंटेशन
बीकानेर, 18 मार्च । इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ECB) के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग में आज भविष्य के इंजीनियरों के लिए एक महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सत्र का मुख्य केंद्र भारत सरकार का “संचार साथी ऐप” रहा, जिसका उद्देश्य बी.टेक छात्रों को डिजिटल सुरक्षा और उभरते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना था।


साइबर अपराधों से बचाव पर केंद्रित चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने आज के दौर के सबसे खतरनाक साइबर अपराधों जैसे ‘डिजिटल अरेस्ट’, मोबाइल चोरी, वित्तीय फ्रॉड और डेटा ब्रीच पर विस्तार से प्रकाश डाला। छात्रों को बताया गया कि कैसे अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों को ठगते हैं और ‘संचार साथी’ पोर्टल के माध्यम से चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने या अपने नाम पर चल रहे फर्जी सिम कार्ड की जांच कैसे की जा सकती है।


जयपुर से आए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
सत्र में दूरसंचार विभाग (DoT), राजस्थान एलएसए जयपुर के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। सहायक निदेशक (प्रौद्योगिकी) श्री हृदेश शर्मा और सहायक निदेशक (अनुपालन) श्री विनोद जैन ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए छात्रों को साइबर स्वच्छता (Cyber Hygiene) के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ होने के नाते कंप्यूटर साइंस के छात्रों की जिम्मेदारी समाज को जागरूक करने में और भी बढ़ जाती है।
‘संचार मित्रों’ का सम्मान और उत्साहवर्धन
डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 ‘संचार मित्र’ छात्रों को इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें लैपटॉप बैग, किट और अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए।
डॉ. रितुराज सोनी (विभागाध्यक्ष, CSE): उन्होंने संचार मित्रों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें समाज में डिजिटल साक्षरता का मशाल वाहक बताया।
डॉ. संजीव जैन (प्राचार्य): प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि एक अनिवार्य जीवन कौशल (Life Skill) बन गया है। उन्होंने छात्रों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में जितेंद्र जैन, चंद्रशेखर राजोरिया, नरपत सिंह शेखावत, ऋषि राज व्यास सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इस पहल को बीकानेर के शैक्षणिक क्षेत्र में साइबर सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

