बीकानेर में नकल गिरोह का 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, स्पेनिश स्पाई कैमरे से की थी ‘हाईटेक’ ठगी


बीकानेर, 9 जनवरी । राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने वाले एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी ने राज्य अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधीनस्थ अधिकारी (RAS) भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ और आधुनिक उपकरणों के जरिए नकल करवाने वाले 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी मितेश कुमार को बीकानेर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और संगठित नकल गिरोह के कुख्यात सरगना तुलछाराम कालेर और पौरव कालेर गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।


एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मितेश कुमार (पुत्र हरिराम जाट) बीकानेर के कालू थाना क्षेत्र के खारी कालू का निवासी है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह न केवल राजस्थान बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध तकनीकों का उपयोग कर रहा था। गिरोह ने सालासर क्षेत्र से परीक्षार्थियों को मोबाइल और ब्लूटूथ के जरिए उत्तर उपलब्ध कराए थे। इस मामले में अब तक कुल 31 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मितेश लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।


इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू नकल के लिए इस्तेमाल की गई तकनीक है। एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सरगना पौरव कालेर ने स्पेन से लगभग 90 हजार रुपये की कीमत वाला ‘इनोवा केम ड्रॉप बॉक्स’ नामक हाई-टेक स्पाई कैमरा मंगवाया था। परीक्षा केंद्र के भीतर मौजूद अभ्यर्थी इस कैमरे की मदद से प्रश्न पत्र के स्क्रीनशॉट बाहर बैठे गिरोह के सदस्यों को भेजते थे। बाहर मौजूद विशेषज्ञ उन प्रश्नों को हल कर ब्लूटूथ के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तर लिखवाते थे।
एसओजी की टीम अब मितेश कुमार से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और भविष्य की परीक्षाओं में उनकी सक्रियता के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले गिरोहों के कई और राज खुलेंगे।








