वायुसेना के रिटायर्ड बुजुर्ग डॉक्टर से 2.52 करोड़ की ठगी; 23 दिन तक बंधक बना रहे शातिर

दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 76 लाख ऐंठे
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  • ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल

ग्वालियर, 25 फरवरी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराध का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। शातिर ठगों ने वायुसेना के एक 89 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे 2 करोड़ 52 लाख रुपये की मोटी रकम लूट ली। पीड़ित बुजुर्ग को 23 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा गया और उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर उनके जीवन भर की जमा पूंजी पांच अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।

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मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा और 23 दिनों का ‘डिजिटल कैद’
ग्वालियर के विडंसर हिल्स निवासी नारायण महादेव टिकेकर को ठगों ने अपना शिकार बनाया।
फर्जी अधिकारी: ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का बड़ा अधिकारी बताकर डॉक्टर को फोन किया और दावा किया कि उनका नाम एक बड़े ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ मामले में आया है।
मानसिक प्रताड़ना: आरोपियों ने बुजुर्ग को घर के अंदर ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ रहने का आदेश दिया। उन्हें 23 दिनों तक वीडियो कॉल और फोन के जरिए निगरानी में रखा गया और किसी को भी इस बारे में बताने पर तुरंत जेल भेजने की धमकी दी गई।
पांच किस्तों में लूट: इसी मानसिक दबाव का फायदा उठाकर ठगों ने डॉक्टर के तीन अलग-अलग बैंक खातों से पांच बार में कुल 2.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

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दिल्ली से आंध्रप्रदेश तक फैला ठगी का जाल: पुलिस की 5 टीमें रवाना
क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में इस बड़ी ठगी के तार देश के कई राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
रकम का बंटवारा: जांच में सामने आया है कि करीब 50 लाख रुपये दिल्ली और नोएडा के बैंक खातों में भेजे गए हैं, जबकि शेष बड़ी राशि आंध्रप्रदेश स्थित खातों में ट्रांसफर की गई है।
एक्शन में पुलिस: क्राइम ब्रांच सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि जिन खातों में पैसे पहुंचे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की पांच विशेष टीमें दिल्ली, नोएडा और आंध्रप्रदेश के लिए रवाना की गई हैं।

सावधान: क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’?
साइबर विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि कानूनन ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। यदि कोई आपको वीडियो कॉल पर घर में रहने का दबाव बनाए या डराए, तो वह साइबर ठग हो सकता है।

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