ICAR संस्थानों और SKRAU ने मिलाया हाथ, इग्नू केंद्र के अपग्रेडेशन से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
ICAR संस्थानों और SKRAU ने मिलाया हाथ; इग्नू केंद्र के अपग्रेडेशन से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार


- बीकानेर बनेगा कृषि अनुसंधान का हब
बीकानेर, 24 फरवरी। पश्चिमी राजस्थान में खेती और पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में मंगलवार को एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया गया। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) की मेजबानी में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में आईसीएआर (ICAR) के विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों ने संसाधनों के साझा उपयोग और तकनीकी हस्तांतरण के लिए एक साझा ‘रोड मैप’ तैयार करने पर सहमति व्यक्त की। इसी के साथ, विश्वविद्यालय में संचालित इग्नू केंद्र को अब ‘नियमित केंद्र’ का दर्जा मिल गया है, जिससे विद्यार्थियों को एक साथ दो डिग्री हासिल करने की सुविधा मिलेगी।


संसाधनों का साझा उपयोग: खेती और पशुपालन के लिए बनेगा नया रोड मैप
कुलगुरु डॉ. आर.बी. दुबे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीकानेर स्थित केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC), काजरी, और भेड़ अनुसंधान केंद्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।


समन्वित प्रयास: डॉ. दुबे ने कहा कि बीकानेर के राष्ट्रीय संस्थानों में विश्वस्तरीय लैब और संसाधन उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं को अब विद्यार्थियों और किसानों के लिए साझा किया जाएगा, जिससे अनुसंधान का सीधा लाभ खेतों तक पहुंचेगा।
अनुसंधान की प्राथमिकता: अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा ने कम पानी में पकने वाली फसलों और स्थानीय जलवायु के अनुकूल ‘वैरायटी रिप्लेसमेंट’ पर जोर दिया।
पशुपालन और ट्रेनिंग: क्षेत्रीय भेड़ अनुसंधान केंद्र की निदेशक निर्मला सैनी और सीआईएएच के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने पशुपालकों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और फलों की आधुनिक तकनीक साझा करने का प्रस्ताव दिया।
इग्नू और SKRAU के बीच एमओयू: अब नियमित सेंटर के रूप में होगी पहचान
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, विश्वविद्यालय स्थित इग्नू (IGNOU) अध्ययन केंद्र को अपग्रेड कर अब नियमित केंद्र बना दिया गया है।
दोहरी डिग्री की सुविधा: कुलसचिव डॉ. देवाराम सैनी ने बताया कि इस समझौते के बाद नियमित विद्यार्थी अपनी डिग्री के साथ-साथ इग्नू के रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों (जैसे- एमबीए एग्री-बिजनेस, ऑर्गेनिक फार्मिंग) की डिग्री भी ले सकेंगे।
महिलाओं के लिए मुफ्त शिक्षा: राजस्थान की मूल निवासी छात्राओं को ‘मुख्यमंत्री दूरस्थ शिक्षा योजना’ के तहत शुल्क वापसी की सुविधा मिलेगी।
प्रवेश की अंतिम तिथि: सहायक क्षेत्रीय निदेशक मुख्तियार अली ने जानकारी दी कि वर्तमान में संचालित 10 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 28 फरवरी है।
