मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल , डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के बाद ईरान में ‘ब्लैकआउट’, भारत सरकार ने जारी की एडवायजरी
डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के बाद ईरान में 'ब्लैकआउट



नई दिल्ली/तेहरान। 7 अप्रैल। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस भीषण टकराव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हाई-अलर्ट जारी किया है।


विदेश मंत्रालय की एडवायजरी: “अगले 48 घंटे रहें सतर्क”
भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं:


सुरक्षित रहें: नागरिक फिलहाल जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रहें।
यात्रा से बचें: अगले 48 घंटों तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
दूतावास से संपर्क: किसी भी आपात स्थिति या जरूरी काम के लिए निकलने से पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क जरूर करें।
खार्ग द्वीप और रेल नेटवर्क पर अमेरिकी हमला
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन खत्म होने के बाद अमेरिकी वायुसेना और इजरायल ने ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) और प्रमुख रेल नेटवर्कों पर सटीक हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों के कारण ईरान के कई बड़े शहरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और ‘ब्लैकआउट’ जैसी स्थिति बनी हुई है। ट्रंप ने इस कार्रवाई को “इतिहास का सबसे निर्णायक मोड़” बताते हुए चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।
In view of the rapidly evolving situation in Iran, Indian nationals who are currently in Iran are advised to stay put where they are, shelter in place and avoid further movements. Any movement within Iran and to the border crossings of Iran may be considered only in close… pic.twitter.com/3xQ2y4FeBp
— ANI (@ANI) April 7, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना केंद्र
विवाद की मुख्य जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य है, जिसे ईरान ने बंद करने की धमकी दी थी। ट्रंप ने मंगलवार रात तक इसे खोलने की समय-सीमा तय की थी। वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जिसके बाधित होने से दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर ‘आर्थिक आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई को जायज ठहराया है।
ईरान का पलटवार: तेल ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के तेल व गैस ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। साथ ही इजरायल की सैन्य सुविधाओं पर भी हवाई हमले किए जाने की खबरें हैं। भारत सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क में है।
