बीकानेर के लाल सुनील कुमावत की पुस्तक का दिल्ली विश्वविद्यालय में विमोचन: ‘ग्रुप थ्योरी’ के जटिल सिद्धांतों को किया सरल
बीकानेर के लाल सुनील कुमावत की पुस्तक का दिल्ली विश्वविद्यालय में विमोचन: 'ग्रुप थ्योरी' के जटिल सिद्धांतों को किया सरल


नई दिल्ली/बीकानेर, 25 मार्च 2026 (बुधवार)। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रांगण में आज एक गरिमामय शैक्षणिक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बीकानेर के प्रतिभावान छात्र और उभरते लेखक सुनील कुमावत द्वारा रचित गणितीय पुस्तक “ग्रुप थ्योरी: अंतर्ज्ञान से अमूर्तन की यात्रा” का विधिवत विमोचन हुआ। यह कृति उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए गणित के एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित है।


वरिष्ठ शिक्षाविदों ने की मुक्तकंठ से सराहना
विमोचन कार्यक्रम में प्राचार्य प्रोफेसर रवि टोटेजा और प्रोफेसर सरिता अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुस्तक की प्रथम प्रति का अनावरण करते हुए सुनील कुमावत के शैक्षणिक पुरुषार्थ की सराहना की।


सरलता और सुबोधता: उपस्थित प्रोफेसरों ने अपने संबोधन में कहा कि ‘ग्रुप थ्योरी’ (Group Theory) जैसे अमूर्त और जटिल विषय को सुनील ने अत्यंत सरल, सुबोध और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया है।
उपयोगिता: शिक्षाविदों के अनुसार, यह ग्रंथ न केवल स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए बल्कि भविष्य में शोध करने वाले छात्रों के लिए भी एक मार्गदर्शक मार्गदर्शिका (Guide) के रूप में लाभकारी सिद्ध होगा।
लेखक का विजन: गणित के डर को करना है दूर
पुस्तक के लेखक सुनील कुमावत ने अपने संबोधन में लेखन के पीछे के मुख्य उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने बताया अमूर्त से व्यवहारिकता: अक्सर छात्र गणितीय अवधारणाओं के कठिन स्वरूप और अमूर्तता (Abstraction) से घबराते हैं। इस पुस्तक का उद्देश्य उन्हीं सिद्धांतों को व्यावहारिक और रुचिकर बनाना है।
सहज व्याख्या: सुनील ने जटिल सूत्रों और सिद्धांतों को सहज उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है ताकि विद्यार्थी केवल रटें नहीं, बल्कि गणित की गहराई को समझ सकें।
बीकानेर के लिए गौरव का क्षण
बीकानेर के एक छात्र द्वारा राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय में अपनी पुस्तक का विमोचन कराना क्षेत्र के शैक्षणिक जगत के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का हिस्सा बनने के लिए कृतज्ञता व्यक्त की गई।
