बीकानेर हाउस में ‘रंगत’ की धूम, कत्थक की पदचाप और लोकगीतों की गूँज से दिल्ली में उतरा राजस्थान

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नई दिल्ली, 23 मार्च 2026 (सोमवार)। देश की राजधानी स्थित बीकानेर हाउस इन दिनों मरुधरा की संस्कृति, कला और जायके के रंगों से सराबोर है। यहाँ चल रहे 11 दिवसीय ‘राजस्थान उत्सव’ के तहत आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘रंगत’ में राजस्थानी लोक गायन और शास्त्रीय कत्थक नृत्य की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 25 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव में राजस्थान की जीवंत परंपराएं दिल्लीवासियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

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बाड़मेर के लोक कलाकारों ने बांधा समाँ
सांस्कृतिक संध्या में बाड़मेर से आए विख्यात लोक कलाकार मगडा खान और उनके 12 सदस्यीय दल ने राजस्थानी लोकगीतों की ऐसी तान छेड़ी कि दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। कलाकारों ने श्रोताओं की फरमाइश पर पारंपरिक मरुस्थलीय शैली में गायन कर रेगिस्तान की खुशबू बिखेरी।

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पंडित बिरजू महाराज की रचना पर कत्थक की प्रस्तुति
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक श्री छत्रापाल यादव ने बताया कि दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘श्रीराम भारतीय कला केन्द्र’ की कत्थक नृत्यांगनाओं सुश्री सुकृति अग्रवाल और भीतिका रहेजा ने विशेष आकर्षण पैदा किया। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध कत्थक गुरु पंडित बिरजू महाराज द्वारा कंपोज किए गए गीत ‘इठलाती-बलखाती’ पर शानदार नृत्य प्रस्तुति दी। इस कलात्मक प्रदर्शन को देख दर्शक इतने उत्साहित हुए कि वे अपने मोबाइल में वीडियो कैद करते नजर आए।

हस्तशिल्प और जायके का संगम
आवासीय आयुक्त कार्यालय की वरिष्ठ लेखाधिकारी श्रीमती श्रेया भदौरिया ने बताया कि उत्सव में व्यापारिक गतिविधियां भी चरम पर हैं:

रुडा और राजीविका: राजस्थानी हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की स्टॉल्स पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

फूड कोर्ट: राजस्थान के प्रसिद्ध चटपटे और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए फूड कोर्ट में दर्शकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

आगामी 3 दिन: पारंपरिक खेलों और प्रतियोगिताओं की रहेगी धूम
उत्सव के समापन के शेष 3 दिनों में आगंतुकों के लिए कई रोमांचक और पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं: कठपुतली शो, ‘ढोला-मूम्मल’ फैशन शो और लोक नृत्य-गायन।

पारंपरिक खेल: साफा बंधन, थ्री-लेग रेस, रूमाल झपट्टा और रस्साकशी।

पंजीकरण: इन प्रतियोगिताओं में पुरुष और महिला वर्ग के लिए निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था है, जहाँ विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

 

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