बीकानेर पहुंचा नहरी पानी अब एक-दो दिन में बहाल होगी सुचारू आपूर्ति, भीषण जल संकट से मिलेगी बड़ी राहत
बीकानेर पहुंचा नहरी पानी अब एक-दो दिन में बहाल होगी सुचारू आपूर्ति, भीषण जल संकट से मिलेगी बड़ी राहत


बीकानेर, 16 मई। बीकानेर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले काफी समय से जारी गंभीर पेयजल किल्लत के बीच शनिवार को एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में पानी का प्रवाह दोबारा शुरू हो गया है, जिससे पश्चिमी राजस्थान के जिलों में जलापूर्ति व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद जग गई है।


मसीतावाली हेड तक पहुंचा पानी, बीछवाल-शोभासर पहुंचने की तारीख तय


नहरबंदी समाप्त होने के बाद इंदिरा गांधी नहर में छोड़ा गया पानी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी की आवक को लेकर स्थिति स्पष्ट की है:
वर्तमान स्थिति: पानी मसीतावाली हेड जीरो आरडी तक पहुंच चुका है और लगातार आगे की ओर बढ़ रहा है।
बीछवाल आगमन: अधिकारियों के अनुसार, नहर का पानी 18 मई की शाम तक बीछवाल क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा।
शोभासर जलाशय: इसके बाद 19 मई की सुबह तक पानी शोभासर जलाशय (वॉटर स्टोरेज) तक पहुंच जाएगा। इसके तुरंत बाद जलदाय विभाग (PHED) अपनी सप्लाई व्यवस्था को सुचारू करने का काम शुरू कर देगा।
10 गुना महंगे दामों पर टैंकर खरीदने को मजबूर थे लोग
नहरबंदी के कारण बीकानेर में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई थी। शहर के अधिकांश हिस्सों में एक-एक दिन छोड़कर (Alternative Days) बेहद कम दबाव से पानी की सप्लाई की जा रही थी। इस गंभीर स्थिति का फायदा उठाकर निजी पानी माफिया सक्रिय हो गए थे और आम जनता से सामान्य दरों से 10 गुना तक अधिक दाम वसूल कर पानी के टैंकर बेचे जा रहे थे। चिलचिलाती गर्मी के बीच मजबूरी में लोगों को ऊंचे दाम चुकाने पड़ रहे थे, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया था।
विभाग की टीमें तैनात, लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग
इंदिरा गांधी नहर परियोजना के चीफ इंजीनियर विवेक गोयल ने बताया कि नहर में पानी छोड़े जाने के बाद से ही विभाग की तकनीकी टीमें अलर्ट मोड पर हैं। पानी के प्रवाह में कोई बाधा न आए और टेल (अंतिम छोर) तक पानी तेजी से पहुंचे, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
नहर में पानी आने से न केवल आम शहरी उपभोक्ताओं बल्कि सिंचाई के लिए परेशान हो रहे किसानों ने भी राहत की सांस ली है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर बीकानेर संभाग में पेयजल संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।


