कपड़े की थैली मेरी सहेली और सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बने बीकानेर कार्यक्रम आयोजित

कपड़े की थैली मेरी सहेली और सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बने बीकानेर कार्यक्रम आयोजित
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quicjZaps 15 sept 2025
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बीकानेर , 22 जनवरी। महावीर इंटरनेशनल बीकानेर गंगाशहर द्वारा चलाये जा रहे जन जागरण अभियान कपडे की थैली मेरी सहेली -सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बीकानेर के तहत आज श्री जैन कन्या पी. जी. महाविद्यालय बीकानेर मेँ संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वीर टोडर मल चोपड़ा ने बीकानेर के चारों केन्द्रो द्वारा चलाये जा रहे जन जागरण अभियान “कपडे की थैली मेरी सहेली” कार्यक्रम की जानकारी दी।

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कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता गोयल, आचार्य राजनीति विज्ञान डूंगर महाविद्यालय बीकानेर रही। मुख्य वक्ता ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के नुकसानों क़ो बताते हुए कहा सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे जीवन, पर्यावरण, धरती पशु,हवा के लिए बहुत खतरनाक हैं.| प्लास्टिक का सर्वप्रथम निर्माण 1862 इंग्लैंड के एलेक्जेंडर मार्क्स ने किया। पिछले 10 वर्षों से इसका उपयोग अंधाधुंध हो रहा हैं । इसका कारण वेकल्पिक वस्तुओं से सस्ता होना है तथा जागरूकता का अभाव है।पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार प्रतिवर्ष भारत मे 3.3 लाख टन सिंगल यूज प्लास्टिक पैदा होता है |इसका 50 प्रतिशत तो सीधा समुन्द्र, नदियों,नालो मे चला जाता है | नदी तालाब समुद्र में गंदगी का कारण कारण सिंगल यूज प्लास्टिक है । प्लास्टिक थैली क़ो जलाते तो वायु प्रदूषित होती हैं इससे केंसर, दमा, चर्म रोग , एवं प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होती हैं |समुन्द्र मे जाने से जीव जंतु मरते है, भूमि अनुपजाऊ बनती है।

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हमें प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे पानी की बोतल,पानी के गिलास चाय के कप , डिस्पोजल केटरिंग सामान, प्लास्टिक थैली का उपयोग नहीं करना हैं |हमें अपने स्वयं को जागरूक करना है। यदि एक व्यक्ति भी इसका उपयोग करना बंद करता है तो केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अनुसार 11 किलो प्रतिवर्ष उपयोग रोक सकते है |हमें पर्यावरण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए ओर “कपडे की थैली मेरी सहेली” की आदत जीवन शैली मे डालनी चाहिये। छात्राओं से प्रश्नोंतारी कार्यक्रम मे उनकी जिज्ञासाओ को शांत किया तथा प्रोत्साहित करने हेतु संस्था द्वारा गिफ्ट दिये गये |

शाला आचार्य डॉ संध्या सक्सेना क़ो महावीर इंटरनेशनल द्वारा पर्यावरण बोर्ड भेंट कर शाला मे लगाने का निवेदन किया |सभी विद्यार्थियों, अध्यापको क़ो कपडे के 200 थैले भेंट किये |सभी की सिंगल यूज़ प्लास्टिक उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई |
कार्यक्रम मे जैन कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों की प्रभारी डॉ राजेंद्र जोशी ओर अरुणा त्यागी ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट किया |प्राचार्य डॉ संध्या सक्सेना ने सभी आगतुको का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम मे वीर नरेन्द्र सुराणा,वीर प्रवीण मित्तल,वीर टोडर मल चोपड़ा, वीर चंद्र कुमार राखेचा , वीरा भारती गहलोत ,वीरा रक्षा बोथरा तथा शाला का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। बच्चों ने कपड़े की थैली मेरी सहेली के नारे लगाकर कार्यक्रम का समर्थन किया ‎|

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