नापासर में रोने लगीं कॉलेज छात्राएं, ग्रामीणों ने निजी खर्च पर ऑटो से भेजा परीक्षा केंद्र
बीकानेर में निजी बसों की हड़ताल का तीसरा दिन


- बीकानेर में निजी बसों की हड़ताल का तीसरा दिन
बीकानेर, 26 फरवरी। बीकानेर जिले में निजी बस संचालकों की बेमियादी हड़ताल गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे आमजन और विशेषकर विद्यार्थियों की कमर टूट गई है। जिले के नापासर कस्बे में उस समय हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला जब बस स्टैंड पर घंटों इंतजार के बाद भी साधन नहीं मिलने पर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं देने जा रही छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं। समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाने के डर से घबराई इन छात्राओं की मदद के लिए अंततः ग्रामीण आगे आए और निजी ऑटो करवाकर उन्हें बीकानेर रवाना किया।


नापासर में 100 से ज्यादा छात्राएं फंसीं: एकमात्र रोडवेज भी रही नाकाफी
नापासर बस स्टैंड पर गुरुवार सुबह 100 से अधिक छात्राएं बीकानेर जाने के लिए एकत्रित हुई थीं।


भीड़ का दबाव: सींथल मार्ग से होकर आने वाली एकमात्र रोडवेज बस जब नापासर पहुंची, तो वह पहले से ही ठसाठस भरी हुई थी। पैर रखने तक की जगह नहीं होने के कारण अधिकांश छात्राएं पीछे छूट गईं।
छात्रों का दर्द: इन दिनों विश्वविद्यालय और बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। छात्राओं का कहना था कि अगर वे समय पर नहीं पहुंचतीं, तो उनका पूरा साल खराब हो जाता। ग्रामीणों ने उनकी स्थिति देख चंदा कर और निजी स्तर पर ऑटो की व्यवस्था की ताकि वे परीक्षा दे सकें।
हाईवे पर ‘ऑटो’ का जोखिम: कोलायत मार्ग पर जान हथेली पर रखकर सफर
निजी बसों के पहिए थमने से नेशनल हाईवे पर तिपहिया ऑटो ही एकमात्र सहारा बन गए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है।
मजबूरी का सफर: बीकानेर से कोलायत मार्ग पर बसें बंद होने के कारण लोग ऑटो में क्षमता से अधिक भरकर सफर कर रहे हैं। एडवोकेट विजय शंकर व्यास ने बताया कि अदालती कार्यों के लिए कोलायत जाने हेतु हाईवे पर ऑटो लेना किसी जोखिम से कम नहीं है, लेकिन काम की मजबूरी भारी पड़ रही है।
रोजाना 30 हजार यात्री बेहाल: शहर के प्रमुख बस स्टैंड सूने
हड़ताल का व्यापक असर बीकानेर शहर के चारों प्रमुख निजी बस अड्डों पर दिखाई दे रहा है:
गजनेर रोड (कोठारी अस्पताल के पास): यहाँ से कोलायत, बज्जू और जैसलमेर मार्ग की बसें बंद हैं।
गंगानगर सर्किल व आईजीएनपी मुख्यालय: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू मार्ग पूरी तरह प्रभावित है।
गंगाशहर बस स्टैंड: नोखा और नागौर की ओर जाने वाले यात्री परेशान हैं।
सांख्यिकीय अनुमान के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 30 हजार से अधिक यात्री इन निजी बसों पर निर्भर हैं। यात्रियों और छात्र संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए, अन्यथा परीक्षार्थियों को बड़ा शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
