रिव्यु और नियमित DPC के लिए ‘शासन’ के मार्गदर्शन का इंतजार; कर्मचारी संघ ने दी चेतावनी

कमल नारायण आचार्य
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  • शिक्षा विभाग में थमी पदोन्नति की रफ्तार

बीकानेर, 26 फरवरी। राजस्थान के शिक्षा विभाग में संस्थापन, प्रशासनिक एवं अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों की पदोन्नति (DPC) का पहिया पिछले कई वर्षों से जाम पड़ा है। वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक की रिव्यु डीपीसी और सत्र 2025-26 की नियमित डीपीसी की प्रक्रिया शासन स्तर से ‘मार्गदर्शन’ न मिलने के कारण अधर में लटकी हुई है। इसे लेकर गुरुवार को शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान-बीकानेर ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में शासन और निदेशालय स्तर पर ज्ञापन सौंपकर त्वरित निस्तारण की मांग की है।

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प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान
कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शासन सचिव (कार्मिक) अर्चना सिंह, शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर विभाग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया ।

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अवरुद्ध कार्य: निदेशालय स्तर से मार्गदर्शन हेतु पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन शासन स्तर पर फाइलें दबी होने से रिव्यु और नियमित डीपीसी का कार्य पूरी तरह ठप है।

आर्थिक आघात: डीपीसी न होने से मंत्रालयिक संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे विभाग की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था भी चरमरा रही है।

विरोधाभास: एक ओर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री डीपीसी को प्राथमिकता देने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा निदेशक सार्वजनिक मंचों से 31 मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण करने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य हैं।

अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा से वार्ता: कल बुलाई गई आपात बैठक
आचार्य ने गुरुवार को अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्री शैलेन्द्र देवड़ा (आर.ए.एस.) से व्यक्तिगत मुलाकात कर ज्ञापन की प्रति सौंपी।

त्वरित आश्वासन: अतिरिक्त निदेशक देवड़ा ने मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए संगठन को आश्वस्त किया कि वे स्वयं इस मुद्दे पर सक्रिय हैं।

अगला कदम: उन्होंने घोषणा की कि कल, 27 फरवरी शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में शासन स्तर पर सीधे संवाद कर लंबित मार्गदर्शन प्राप्त करने और डीपीसी की बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

अन्य विभागों में काम जारी, शिक्षा विभाग क्यों पीछे?
संगठन ने सवाल उठाया है कि जब अन्य राजकीय विभागों में रिव्यु और नियमित डीपीसी का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है, तो शिक्षा विभाग को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि वांछित मार्गदर्शन तत्काल जारी नहीं हुआ, तो संगठन को आगामी आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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