बीकानेर में XEN से 31 लाख की साइबर ठगी, शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 1.47 करोड़ का फर्जी मुनाफा दिखाया
साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी,


बीकानेर, 23 मार्च 2026 (सोमवार)। राजस्थान के बीकानेर में साइबर अपराधियों ने एक उच्चाधिकारी को अपना निशाना बनाया है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) कॉलोनी निवासी अधिशासी अभियंता (XEN) रविन्द्र कुमार जैन से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 31.71 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए एक फर्जी वेबसाइट पर 1.47 करोड़ रुपये का मुनाफा भी दिखाया, लेकिन रकम निकालने के वक्त और पैसों की मांग शुरू कर दी।


व्हाट्सएप ग्रुप से बुना ठगी का जाल
साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, ठगी का खेल फरवरी माह में शुरू हुआ:


संपर्क: पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप एडमिन ने खुद को ‘ट्रेडिंग एक्सपर्ट’ बताकर निवेश के गुर सिखाए।
रजिस्ट्रेशन: आरोपियों के झांसे में आकर XEN ने उनके द्वारा बताई गई एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन किया।
लेनदेन: मोटा मुनाफा कमाने के लालच में पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में पांच विभिन्न बैंक खातों में कुल 31.71 लाख रुपये जमा करवा दिए।
मुनाफा दिखा, पर हाथ नहीं आया पैसा
निवेश के बाद आरोपियों ने अपनी फर्जी वेबसाइट के डैशबोर्ड पर पीड़ित का पोर्टफोलियो 1.47 करोड़ रुपये का दिखाया। जब पीड़ित ने इस राशि को बैंक खाते में ट्रांसफर (Withdraw) करने की कोशिश की, तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। इसके बाद ठगों ने असली रंग दिखाते हुए ‘शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन’ (STCG) टैक्स के नाम पर 23 लाख रुपये और जमा करवाने का दबाव बनाया।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई शिकायत
टैक्स के नाम पर अतिरिक्त पैसों की मांग होने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उन पांच बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी।
सावधानी ही बचाव है (एडवाइजरी):
साइबर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- किसी भी अज्ञात व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से निवेश की सलाह न लें।
- केवल सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत ब्रोकर या प्लेटफॉर्म के जरिए ही शेयर बाजार में निवेश करें।
- अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाली वेबसाइटों और लुभावने विज्ञापनों से बचें।
