शाकद्वीपीय गणगौर उत्सव में नृत्य-गायन की धूम, सुदर्शना नगर में गूंजे पारंपरिक गीत
शाकद्वीपीय गणगौर उत्सव में नृत्य-गायन की धूम, सुदर्शना नगर में गूंजे पारंपरिक गीत


बीकानेर, 15 मार्च। महिलाओं और युवतियों के अखंड सौभाग्य के पर्व गणगौर के उल्लास के बीच शनिवार को सुदर्शना नगर स्थित गणपति सदन में ‘शाकद्वीपीय गणगौर उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। नरसिंग दास जीवणी देवी सेवग चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।


ईशर-गणगौर की विशेष पूजा और झूमती महिलाएं
कार्यक्रम की शुरुआत ईशर-गणगौर माता की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ‘बिंदोला बासा’ के पारंपरिक लोक गीतों की स्वर लहरियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। संयोजिका चन्द्रकला सेवग ने बताया कि महिलाओं ने गणगौर माता के सम्मुख सामूहिक रूप से प्रसिद्ध घूमर नृत्य किया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।


इन्होंने दी सुरीली प्रस्तुतियां
उत्सव में गणगौर के पारंपरिक गीतों को स्वर देने में प्रमुख रूप से राज श्री शर्मा, पूजा शर्मा, सरला शर्मा, राजकुमारी शर्मा, मधू शर्मा, किरण शर्मा, सपना शर्मा, रितिका शर्मा, शशी शर्मा, मूनी शर्मा, टीना लोहिया, ज्योति विजयवर्गीय, रिकी शर्मा, भावना जांगिड़ और अनुराधा सोनी शामिल रहीं।
श्रृंगार प्रतियोगिता: राजस्थानी रंगत में रंगे प्रतिभागी
उत्सव के दौरान आयोजित ईशर-गणगौर श्रृंगार प्रतियोगिता में महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और आभूषणों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
विजेता: भानू देवड़ा और पूजा देवड़ा ने सर्वश्रेष्ठ श्रृंगार और उत्कृष्ट राजस्थानी वेशभूषा के लिए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी महिलाओं और युवतियों पर पुष्प वर्षा की गई और सभी ने प्रसाद ग्रहण कर मंगल कामनाएं कीं। उत्सव में समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखा।
