बीकानेर में पापमोचनी एकादशी पर श्री खाटू श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

बीकानेर में पापमोचनी एकादशी पर श्री खाटू श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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  • मनमोहक श्रृंगार ने मोहा भक्तों का मन

बीकानेर, 15 मार्च । पापों से मुक्ति दिलाने वाली पावन पापमोचनी एकादशी के अवसर पर रविवार को बीकानेर के श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। बाबा श्याम के अलौकिक श्रृंगार और विशेष ज्योतिषीय संयोगों के बीच हज़ारों श्रद्धालुओं ने दरबार में शीश नवाया।

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बाबा का दिव्य श्रृंगार और भक्तिमय वातावरण
एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा बाबा खाटू श्याम का अत्यंत आकर्षक एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्रद्धालु तड़के ही मंदिर पहुंचने लगे। “हारे के सहारे, खाटू श्याम हमारे” के गगनभेदी जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। भक्तों ने बाबा को गुलाब के फूल और इत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

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श्रद्धा के अनोखे रूप: सपनों के घर की अरदास
मंदिर परिसर में आस्था के कई विशेष रंग देखने को मिले। सपनों का घर: कई श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में छोटे-छोटे पत्थरों से प्रतीकात्मक मकान बनाकर बाबा से अपना नया घर बनने की मन्नत मांगी। गणगौर और बाबा श्याम: लोक संस्कृति और भक्ति का मिलन तब दिखा जब एक महिला अपनी गणगौर माता और ईशर जी की प्रतिमाओं के साथ बाबा के दर्शन करने पहुँची। मन्नत का नारियल: भक्तों ने मौली के साथ नारियल बांधकर अपनी मनोकामनाएं बाबा के चरणों में रखीं।

गर्मी को देखते हुए विशेष प्रबंध
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए। भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए जगह-जगह ठंडे पानी के कैंपर लगाए गए। ट्रस्ट के सदस्यों ने स्वयं कतारों में खड़े भक्तों की व्यवस्था संभाली ताकि दर्शन सुगमता से हो सकें।

दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग
ज्योतिषविदों के अनुसार, इस वर्ष पापमोचनी एकादशी पर श्रवण नक्षत्र और परिध योग का विशेष संयोग बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ घड़ी में भगवान विष्णु के स्वरूप बाबा श्याम की पूजा करने से न केवल पापों का क्षय होता है, बल्कि जीवन में सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शाम तक मंदिर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

 

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