श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय के भव्य द्वार का उद्घाटन और सत्तर भेदी पूजा संपन्न
श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय के भव्य द्वार का उद्घाटन और सत्तर भेदी पूजा संपन्न


बीकानेर, 9 फरवरी। गंगाशहर स्थित 177 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय (गोल मंदिर) में सोमवार को भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। खरतर गच्छाधिपति आचार्य श्री जिन मणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज एवं मुनि वृन्द के पावन सान्निध्य में मंदिर के नवनिर्मित द्वार का उद्घाटन और भक्ति संगीत के साथ भव्य सत्तर भेदी पूजा आयोजित की गई। इस अवसर पर पूरा जिनालय परिसर भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों और सुमधुर भजनों से गुंजायमान रहा।


भगवान श्री पार्श्वनाथ मंदिर जीर्णोद्धार ट्रस्ट और सेठ श्री फौजराज बांठिया पार्श्वनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए। सत्तर भेदी पूजा के दौरान पार्श्वचंद्र गच्छ महिला मंडल की श्राविकाओं ने शास्त्रीय रागों और सुमधुर तर्जों पर भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष धनपत सिंह बांठिया के नेतृत्व में 58 फीट ऊंचे भव्य शिखर पर ध्वज पूजन भी संपन्न कराया गया।


देश-प्रदेश से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
इस ऐतिहासिक समारोह में सहभागी बनने के लिए न केवल बीकानेर, गंगाशहर और भीनासर, बल्कि देश के विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से सेठ फौजराज बांठिया परिवार के सदस्यों ने द्वार उद्घाटन की रस्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद इसका स्वरूप अब और भी दिव्य और भव्य नजर आ रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
गच्छाधिपति का जैसलमेर की ओर प्रस्थान
महोत्सव की सफलता के पश्चात खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी महाराज ने अपने मुनि मंडल और साध्वी वृन्द के साथ जैसलमेर की ओर विहार किया। सोमवार को उन्होंने नाल स्थित श्री जिन कुशल दादाबाड़ी में दर्शन-वंदन किए। उल्लेखनीय है कि जैसलमेर में आगामी 6 से 8 मार्च तक दादा गुरुदेव का भव्य चादर महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, जिसमें आचार्य श्री शिरकत करेंगे।
विहार के दौरान बीकानेर के जैन समाज ने आचार्य श्री को भावभीनी विदाई दी। विदाई देने वालों में धनपत सिंह बांठिया, चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा, खरतरगच्छ युवा परिषद के अध्यक्ष अनिल सुराणा, मंत्री विक्रम भुगड़ी सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और श्रावक-श्राविकाएं शामिल थे। मार्ग में मुरलीधर व्यास कॉलोनी में श्रावक भूरमल भंसाली के निवास पर मंगल आशीर्वाद प्रदान करते हुए आचार्य श्री ने नाल की ओर कदम बढ़ाए।
