चंदा आया बैंक से, फिर कैश में लौटा? ₹1,143 करोड़ के राजनीतिक चंदे के खेल में दर्ज हुई FIR
चंदा आया बैंक से, फिर कैश में लौटा? ₹1,143 करोड़ के राजनीतिक चंदे के खेल में दर्ज हुई FIR



गांधीनगर, 27 सितम्बर । गुजरात के गांधीनगर से राजनीतिक चंदे की आड़ में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय हेरफेर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आयकर (Income Tax) विभाग की शिकायत के आधार पर गुजरात सीआईडी क्राइम (CID Crime) ने ‘भारतीय नेशनल जनता दल’ (BNJD) और उसके शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।


प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2024-25 के दौरान पार्टी के खातों में 56,238 लोगों से कथित रूप से ₹1,143.85 करोड़ का फर्जी राजनीतिक दान (Donation) प्राप्त दिखाया गया। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए करदाताओं को आयकर अधिनियम के तहत मिलने वाली छूट का अनुचित लाभ दिलवाकर सरकारी खजाने को करीब ₹343 करोड़ के राजस्व (Tax Loss) का चूना लगाया गया है।


रकम घुमाकर नकद लौटाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, दानकर्ताओं ने बैंकिंग माध्यमों (RTGS/NEFT) से पार्टी के खातों में धन स्थानांतरित किया और इसके बदले चंदे की रसीदें हासिल कीं। आरोप है कि बाद में इस रकम को जे ट्रेडिंग, काजल एंटरप्राइजेज और परमार एसोसिएट्स जैसी कागजी/शेल फर्मों में फर्जी बिलों के जरिए ट्रांसफर किया गया। इसके पश्चात 2 से 10 प्रतिशत तक का कमीशन काटकर बाकी की पूरी राशि दानकर्ताओं को नकद (Cash) के रूप में वापस लौटा दी गई।
फॉर्म 24A और चुनाव आयोग के समक्ष गलत जानकारी
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पार्टी ने चुनाव आयोग (Election Commission) को सौंपे जाने वाले ‘फॉर्म 24A’ में भी कथित तौर पर फर्जी रिकॉर्ड प्रस्तुत किए। FIR में BNJD के अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार विष्णुभाई गजेरा, महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रोनकसिंह चावड़ा और सीए/ऑडिटर आदिल सैयद को नामजद किया गया है।
गौरतलब है कि पूर्व में सितंबर 2026 में एक खोजी रिपोर्ट (India Today) में भी पार्टी के विशालकाय चंदे और उसके सीमित राजनीतिक जनाधार के बीच के विरोधाभास पर सवाल उठाए गए थे। फिलहाल पुलिस व संबंधित एजेंसियां इस बहुचर्चित मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं।
