लोकगायिका राजकुमारी मारू की पुस्तकें ‘निर्गुण आनन्द’ और ‘मोहन मुरारी’ का लोकार्पण

लोकगायिका राजकुमारी मारू की पुस्तकें 'निर्गुण आनन्द' और 'मोहन मुरारी' का लोकार्पण
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 7 दिसम्बर । शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान के तत्वावधान में लोकगायिका श्रीमती राजकुमारी मारू की दो महत्त्वपूर्ण पुस्तकों—”निर्गुण आनन्द” और “मोहन मुरारी”—का लोकार्पण गंगाशहर रोड स्थित कला मन्दिर में आयोजित एक भव्य समारोह में किया गया। इस अवसर पर श्रीमती मारू का विशेष सम्मान किया गया।
पुस्तकों पर वक्तव्य
मुख्य अतिथि राजेन्द्र जोशी ने कहा कि पुस्तकों की रचनाएं संगीत साधना और जीवन के अनुभवों से ओत-प्रोत हैं। उन्होंने लोकगायिका द्वारा लोक जीवन से ग्रहण किए गए अनुभवों को पुस्तक के रूप में लोकजीवन को समर्पित करने की सराहना की।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अजय जोशी ने कहा कि ये पुस्तकें लोक कलाकारों के साथ-साथ आमजन के लिए भी बहुपयोगी सिद्ध होंगी।
मुख्य वक्ता अशफ़ाक कादरी ने कहा कि श्रीमती मारू की रचनाएं मन के आनंद से साक्षात्कार कराती हैं और अपने समय का प्रतिनिधित्व करती हैं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

विशिष्ट अतिथि ज्ञानेश्वर सोनी ने कहा कि पुस्तक की लोक रचनाएं शहर, गांव और ढाणियों में जागरणों तथा भक्ति संगीत कार्यक्रमों में रात भर जागृत करने का काम कर रही हैं।
पत्रवाचन और रचनाओं का विवरण”निर्गुण आनन्द” पर पत्रवाचन: डॉ. गौरीशंकर प्रजापत ने किया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में कबीर, ब्रह्मानंद जी, गोरखनाथ जी, रानी रूपादे, भानीनाथजी, रैदासजी, मलूकदास जी सहित संतों की 185 रचनाएं संकलित हैं, जो जीवन मृत्यु दर्शन से ओत-प्रोत हैं।
“मोहन मुरारी” पर पत्रवाचन: कवियत्री डॉ. कृष्णा आचार्य ने किया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में सगुण भक्ति की 259 लोक रचनाएं संकलित हैं, जो आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

pop ronak
BC opening

मधुर प्रस्तुति और सम्मान
लोकार्पण समारोह में लोकगायिका श्रीमती राजकुमारी मारू ने स्वयं पुस्तक में संकलित “भज ले सुआ राम हरि नाम सू तिर जासी” और “चरखे रो भेद बता दे” जैसे लोक भजन सुमधुर स्वरों में प्रस्तुत किए। उन्होंने लोकगीत “बाई सा रा बीरा” सुनाकर उपस्थित सभी को भाव विभोर कर दिया। शब्दरंग संस्थान द्वारा श्रीमती राजकुमारी मारू को माला, शॉल और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. नासिर जैदी ने किया।
=========

खाओसा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *