युवा लेखिका अलका स्वामी की पुस्तक “100 बिग क्वेश्चन” का भव्य विमोचन

युवा लेखिका अलका स्वामी की पुस्तक "100 बिग क्वेश्चन" का भव्य विमोचन
STBA 5 JUNE 2026
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  • विधायक जेठानंद व्यास और कुलगुरु प्रो. विमला मेघवाल रहे मुख्य अतिथि

बीकानेर, 27 जून । साहित्य और ज्ञान के क्षेत्र में बीकानेर की धरा पर एक और नया अध्याय जुड़ गया है। स्थानीय माहेश्वरी सदन में आयोजित एक गरिमामय साहित्यिक समारोह के दौरान बीकानेर की होनहार युवा लेखिका अलका स्वामी द्वारा लिखित द्वितीय पुस्तक “100 बिग क्वेश्चन” (100 Big Questions) का भव्य विमोचन संपन्न हुआ। इस गौरवशाली कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, साहित्यकार और बड़ी संख्या में विद्यार्थी साक्षी बने।

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समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर (पश्चिम) के लोकप्रिय विधायक जेठानंद व्यास तथा कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु प्रोफेसर विमला मेघवाल उपस्थित रहीं। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग राजस्थान की वित्तीय सलाहकार डॉ. ज्योति बाला व्यास, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. नवरंग लाल महावर एवं सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज जयपुर के विभागाध्यक्ष डॉ. डी.आर. आर्य ने शिरकत की। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ किया।

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अध्यात्म, सनातन और व्यक्तित्व विकास सहित 5 भागों में विभक्त है पुस्तक

विमोचन के उपरांत पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति बाला व्यास ने कहा कि लेखिका अलका स्वामी द्वारा लिखित यह अनुपम कृति कुल पांच महत्वपूर्ण भागों में विभक्त है। इस पुस्तक में अध्यात्म, कर्म, शिक्षा व्यवहार, सनातन संस्कृति तथा व्यक्तित्व विकास (पर्सनैलिटी डेवलपमेंट) के संबंध में मानव जीवन में सामान्यतः उठने वाले 100 सबसे बड़े और व्यावहारिक प्रश्नों का बेहद सरल व तार्किक उत्तर दिया गया है। डॉ. व्यास ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं और विशेषकर छात्र वर्ग के जीवन में सही मार्गदर्शन करने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाएगी यह पुस्तक: प्रो. विमला मेघवाल

मुख्य अतिथि एवं कुलगुरु प्रो. विमला मेघवाल ने अपने संबोधन में लेखिका को बधाई देते हुए कहा कि एक अच्छी पुस्तक हमेशा एक संपूर्ण पुस्तकालय के समान होती है, जो समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है। अलका स्वामी की यह कृति हमारी आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और उनमें नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करने में मील का पत्थर साबित होगी।

इस वैचारिक और साहित्यिक समागम का अत्यंत कुशल और सुंदर संचालन जसवंत सिंह राजपुरोहित ने किया। कार्यक्रम के समापन पर लेखिका अलका स्वामी और उनके परिवार ने समारोह में पधारे सभी प्रबुद्ध अतिथियों, वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षाविदों और पाठकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

sjps