डेहरू माता मंदिर में तोड़फोड़ पर हाई कोर्ट का स्टे, जोधपुर उच्च न्यायालय ने जारी किए स्थगन आदेश
डेहरू माता मंदिर में तोड़फोड़ पर हाई कोर्ट का स्टे, जोधपुर उच्च न्यायालय ने जारी किए स्थगन आदेश



बीकानेर, 10 अप्रैल। बीकानेर के नाल रोड स्थित प्रसिद्ध कुलदेवी डेहरू माता मंदिर परिसर को लेकर जोधपुर उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर स्थगन आदेश (Stay Order) जारी कर दिया है। न्यायालय के इस फैसले के बाद मंदिर परिसर को ढहाए जाने की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।


उच्च न्यायालय जोधपुर में इस महत्वपूर्ण मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र आचार्य और गौरांगी आचार्य ने की। अधिवक्ताओं ने मंदिर की धार्मिक महत्ता और इससे जुड़े जनमानस की आस्था के तथ्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने और तोड़फोड़ पर रोक लगाने के आदेश दिए।


भक्तों और समिति में खुशी की लहर
स्थगन आदेश की सूचना मिलते ही डेहरू माता सेवा समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं में हर्ष की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुँचकर माता के चरणों में वंदन किया और इस जीत को सत्य की विजय बताया।
समिति के अध्यक्ष एडवोकेट पवन पुरोहित ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिसर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि साधु-संतों, गो-प्रेमियों और आमजन के लिए आस्था का केंद्र है। उन्होंने बताया कि डेहरू माता मंदिर में सभी धर्मों और वर्गों के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं, ऐसे में इस स्थान का सामाजिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। सभी धर्मप्रेमियों ने इस न्यायपूर्ण निर्णय के लिए न्यायपालिका का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
