जेजेएम घोटाला: पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल रडार पर, 10वीं गिरफ्तारी के साथ ACB का शिकंजा और कसा
जेजेएम घोटाला: पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल रडार पर, 10वीं गिरफ्तारी के साथ ACB का शिकंजा और कसा


जयपुर, 18 फरवरी 2026। राजस्थान के बहुचर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। मंगलवार को 9 वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद, बुधवार को एसीबी ने इस मामले में 10वें आरोपी मुकेश पाठक को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया है। वहीं, 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए दिग्गज IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।


एसआईटी (SIT) की इस प्रदेशव्यापी स्ट्राइक ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जांच में सामने आया है कि जनता के पीने के पानी के लिए आए करोड़ों रुपये का उपयोग अधिकारियों और ठेकेदारों ने अपनी तिजोरियां भरने के लिए किया।


फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारियां: ताज होटल से लेकर रेलवे स्टेशन तक
एसीबी की टीमों ने आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछाया था:
उदयपुर के ताज लेक पैलेस से गिरफ्तारी: पीएचईडी के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के आलीशान ताज लेक पैलेस होटल से तड़के 4 बजे हिरासत में लिया गया। वे वहां किसी ठेकेदार द्वारा प्रायोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।
बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर ‘ट्रैप’: एक्सईएन विशाल सक्सेना जैसे ही ट्रेन से उतरकर विरात्रा माता के दर्शन के लिए बाड़मेर स्टेशन पहुंचे, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनकी ‘भक्ति’ का रास्ता सीधे सलाखों की ओर मुड़ गया।
अब तक ये 10 आरोपी हुए गिरफ्तार
एसीबी ने अब तक पीएचईडी के कई वर्तमान और सेवानिवृत्त उच्चाधिकारियों को हिरासत में लिया है:
दिनेश गोयल – चीफ इंजीनियर (प्रशासन), के.डी. गुप्ता – चीफ इंजीनियर (ग्रामीण), शुभांशु दीक्षित – अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सुशील शर्मा – वित्तीय सलाहकार ,नीरिल कुमार – मुख्य अभियंता (चुरू)
विशाल सक्सेना – निलंबित एक्सईएन (जोधपुर), अरुण श्रीवास्तव – रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता, डी.के. गौड़ – रिटायर्ड मुख्य अभियंता, महेंद्र प्रकाश सोनी – रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता ,मुकेश पाठक – (छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, ताजा गिरफ्तारी)
घोटाले का ‘मोडस ऑपरेंडी’: फर्जी सर्टिफिकेट और घटिया पाइप
जांच के दौरान एसीबी को चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं:
फर्जी प्रमाण पत्र: मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी ने इरकॉन (IRCON) के नाम से फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए।
कमीशन का खेल: पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी (जिन्हें अप्रैल 2025 में ईडी ने गिरफ्तार किया था) पर आरोप है कि कमीशन का पैसा उनके बेटे की कंपनी में लगवाया गया।
रडार पर 139 इंजीनियर: एसीबी के एक्शन प्लान में अभी 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन सहित कुल 139 इंजीनियर्स जांच के दायरे में हैं।
आगे क्या? ACB का अगला कदम
राज्य सरकार ने पूर्व एसीएस सुबोध अग्रवाल सहित कई बड़े अफसरों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ के बाद अगले कुछ दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। ब्यूरो का लक्ष्य इस घोटाले की पूरी ‘मनी ट्रेल’ का पता लगाकर जनता के पैसे की रिकवरी करना है।
