न्याय की गुहार: 1986 बैच के कनिष्ठ सहायकों की वरिष्ठता और DPC को लेकर शिक्षा निदेशक से मिले कमल नारायण आचार्य

1986 बैच के कनिष्ठ सहायकों की वरिष्ठता और DPC को लेकर शिक्षा निदेशक से मिले कमल नारायण आचार्य
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बीकानेर, 18 फरवरी। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान-बीकानेर के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) से मुलाकात की। इस दौरान 1986 बैच के कनिष्ठ सहायकों की लंबे समय से लंबित वरिष्ठता सूची और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) के माध्यम से पदोन्नति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।

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वार्ता के दौरान प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा चयनित 1986 बैच के कर्मचारियों का मामला न्यायालय के निर्णय और सरकार द्वारा ‘नो अपील’ निर्देश दिए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर अटका हुआ है। उन्होंने निदेशक महोदय को अवगत कराया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण कर्मचारी अपने जायज हक से वंचित हैं।

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निदेशक का आश्वासन: “जल्द होगी कार्रवाई”
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने मामले को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि यह प्रकरण लंबे समय से लंबित है। उन्होंने वार्ता के दौरान कर्मचारी संघ को आश्वस्त किया कि वे स्वयं इस फाइल का अवलोकन करेंगे और अदालती आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए शीघ्र ही पदोन्नति की कार्यवाही शुरू करवाएंगे।

शीर्ष स्तर तक पहुंचाई आवाज
आचार्य ने बताया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर केवल निदेशालय स्तर तक ही सीमित न रहकर, मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतियां राज्य के सर्वोच्च अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर भी प्रेषित की गई हैं। इनमें शामिल हैं। महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव एवं शिक्षा सचिव ,समस्त मंडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक मुख्यालय) .

कर्मचारियों में रोष और उम्मीद
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि 1986 बैच के कई कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में यदि अब भी शीघ्र कार्यवाही नहीं होती है, तो संघ आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होगा। हालांकि, आज की वार्ता के बाद कर्मचारियों में न्याय मिलने की एक नई उम्मीद जगी है।

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