3.80 लाख की घूस लेते भू-अभिलेख निरीक्षक गिरफ्तार, एसडीएम के नाम पर भी मांगी थी रिश्वत
3.80 लाख की घूस लेते भू-अभिलेख निरीक्षक गिरफ्तार, एसडीएम के नाम पर भी मांगी थी रिश्वत


- जयपुर में एसीबी का बड़ा धमाका
जयपुर, 27 फरवरी। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को राजधानी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की टीम ने जयपुर पश्चिम वृत्त के भू-अभिलेख निरीक्षक (लैंड रिकॉर्ड इंस्पेक्टर) अनिल कुमार को 3.80 लाख रुपये की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी निरीक्षक ने एक परिवादी से उसकी पुश्तैनी जमीन के ‘तकासमा’ (विभाजन) के एवज में लाखों की डिमांड की थी।


5 लाख से शुरू हुआ सौदा, एसडीएम का भी लिया नाम
एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार का यह खेल काफी सुनियोजित तरीके से खेला जा रहा था।
रिश्वत की डिमांड: परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुश्तैनी जमीन के तकासमा कार्य को करने के बदले अनिल कुमार 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है।


एसडीएम के नाम पर वसूली: सत्यापन (वेरिफिकेशन) के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने सौदा 4 लाख रुपये में तय किया, जिसमें उसने 1 लाख रुपये स्वयं के लिए और 3 लाख रुपये उपखण्ड अधिकारी (SDO) जयपुर-प्रथम के नाम पर मांगे थे।
ट्रैप का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
वेरिफिकेशन: पहले चरण में परिवादी को 20 हजार रुपये देकर भेजा गया, जिसे आरोपी ने स्वीकार कर लिया।
रंगे हाथों दबोचा: शुक्रवार दोपहर जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की बाकी रकम के रूप में 3.80 लाख रुपये आरोपी अनिल कुमार को थमाए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है।
दफ्तर और आवास पर सर्च जारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की विभिन्न टीमों ने आरोपी निरीक्षक के कार्यालय और आवास पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। ब्यूरो इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि क्या वाकई इस रिश्वत कांड में किसी उच्चाधिकारी (एसडीएम) की संलिप्तता है या आरोपी केवल उनके नाम का इस्तेमाल कर अवैध वसूली कर रहा था। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके द्वारा पूर्व में किए गए भूमि सौदों और तकासमा फाइलों को भी खंगाला जा रहा है।
