बीज निगम निदेशक के ठिकानों पर ACB का बड़ा धमाका: बस से 85 लाख और घर से 1.58 करोड़ कैश जब्त
बीज निगम निदेशक के ठिकानों पर ACB का बड़ा धमाका: बस से 85 लाख और घर से 1.58 करोड़ कैश जब्त



- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार को घेरा
बीकानेर, 8 जून। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बीकानेर और श्रीगंगानगर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के ठिकानों और उनसे जुड़े नेटवर्क से कुल 2.43 करोड़ रुपये की बेनामी नकदी बरामद की है। इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत बीकानेर-श्रीगंगानगर मार्ग पर एक निजी बस की नाकाबंदी से हुई, जिसके बाद तार सीधे बीज निगम के निदेशक के आवास से जुड़ गए।


निजी बस से 85 लाख बरामद, निदेशक के घर से मिले 1.58 करोड़


एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आशीष कुमार ने बताया कि रविवार को खुफिया इनपुट मिला था कि बीकानेर से श्रीगंगानगर के लिए एक निजी बस के जरिए करीब 90 लाख रुपये की बड़ी रकम भेजी जा रही है। इस सूचना पर एसीबी की टीम ने लूणकरणसर थाना क्षेत्र के पास नाकाबंदी कर बीकानेर से श्रीगंगानगर जा रही एक प्राइवेट बस को रुकवाया। बस में सफर कर रहे युवक स्वतंत्र ज्याणी की तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद थैलों और गत्ते के डिब्बों से 85 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि यह रकम श्रीगंगानगर में बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के ठिकाने पर पहुंचाई जानी थी।
युवक से मिले इस अहम सुराग के बाद एसीबी के एएसपी विनोद कुमार के नेतृत्व में दूसरी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीकानेर के जयपुर रोड स्थित मयूर विहार में जुगल किशोर बिश्नोई के निवास स्थान पर छापा मारा। घर की गहन सर्चिंग के दौरान टीम को 1 करोड़ 58 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। एसीबी ने दोनों कार्रवाइयों में मिली कुल 2.43 करोड़ रुपये की राशि को जब्त कर लिया है और स्वतंत्र ज्याणी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई से भी विस्तार से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
मामले पर गरमाई राजनीति: डोटासरा ने कृषि मंत्री पर साधे सवाल
इस बड़ी रिकवरी के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर तीखे हमले किए हैं। डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा कि कृषि विभाग में छापेमारी की आड़ में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पकड़े गए लोग हाल ही में बीकानेर, सीकर, जोधपुर, भीलवाड़ा और श्रीगंगानगर में कृषि मंत्री के साथ छापेमारी की कार्रवाइयों में शामिल थे।
पीसीसी चीफ ने सवाल उठाया कि जो लोग मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमते थे, वही करोड़ों की सौदेबाजी करते पकड़े गए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि अधिकारी इस स्तर पर करोड़ों की रिश्वत लेने का साहस कर रहे थे, तो इसकी डोर ऊपर कहां तक जुड़ी हुई है? डोटासरा ने इसे “सरकार के संरक्षण में डकैती” करार देते हुए कहा कि खाद-बीज व्यापारियों को डरा-धमकाकर यह अवैध वसूली की गई है। उन्होंने कृषि मंत्री को उनके उस बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार प्रमाणित होने पर इस्तीफे की बात कही थी, और मांग की कि मंत्री स्पष्ट करें कि किसकी शह पर व्यापारियों को लूटा जा रहा था।


