शेयर ट्रेडिंग और IPO के नाम पर 68.71 लाख की बड़ी साइबर ठगी, ऐप में दिखाया 6 करोड़ का ‘फर्जी’ मुनाफा

शेयर ट्रेडिंग और IPO के नाम पर 68.71 लाख की बड़ी साइबर ठगी
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quicjZaps 15 sept 2025

जोधपुर, 27 मार्च । शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर एक युवक के साथ 68 लाख 71 हजार रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन और सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड कंपनी का झांसा देकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित को मोबाइल ऐप पर करीब 6 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब उसने राशि निकालनी चाही तो ठगी का खुलासा हुआ।

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व्हाट्सएप ग्रुप से बुना ठगी का जाल
उद्या अपार्टमेंट निवासी पीड़ित सैयद हमीदुदीन ने पुलिस को बताया कि 9 फरवरी 2026 को उन्हें ‘Victory Vanguards’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप्स में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट की सटीक टिप्स देकर पहले उनका भरोसा जीता गया। इसके बाद ठगों ने खुद को ‘Gray Matters Capital’ नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और जाली सर्टिफिकेट दिखाकर विश्वास हासिल कर लिया।

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फर्जी ऐप ‘Gray In’ से कराया निवेश
आरोपियों ने पीड़ित का “Gray In” नाम की एप्लीकेशन में अकाउंट खुलवाया और बताया कि वे NASDAQ एक्सचेंज के जरिए आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग कराते हैं। 26 फरवरी 2026 को आरोपियों ने पहली बार 1 लाख रुपए जमा करवाए। इसके बाद एप में ट्रेडिंग दिखाकर 1–2 करोड़ रुपए तक का मुनाफा दिखाया गया।

शुरुआत में छोटे विड्रॉल से बनाया भरोसा
विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को कुछ रकम निकालने दी गई। इसमें 27 फरवरी को 18,000 , मार्च को 50,000, 4 मार्च को 50,000 और 20,000 रुपए निकाले । ये रकम तुरंत बैंक खाते में आने से पीड़ित को पूरी तरह विश्वास हो गया।

परिवार के नाम से भी खुलवाया अकाउंट
इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को और निवेश के लिए प्रेरित किया और उनकी बहन सैय्यद आईशा के नाम से भी अकाउंट खुलवा दिया। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में बड़ी रकम जमा करवाई। इस प्रकार कुल मिलाकर 68,71,000 रुपए अलग-अलग खातों में जमा करवाए गए।

एप में दिखाया 6 करोड़ का फर्जी मुनाफा

इतनी बड़ी राशि जमा कराने के बाद एप में पीड़ित को करीब 6 करोड़ का मुनाफा दिखाया जाने लगा, लेकिन जब उसने राशि निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल नहीं हो पाया। आरोपियों ने एप अपडेट और IPO में पैसा फंसा होने का बहाना बनाया गया। पीड़ित को कहा कि कुछ दिन बाद सब क्लियर हो जाएगा इस तरह लगातार झांसा दिया जाता रहा।

विड्रॉल रोका तो खुला राज
जब पीड़ित ने बड़ी रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने ऐप अपडेट और IPO में पैसा फंसा होने के बहाने बनाकर टालमटोल शुरू कर दी। अंततः संपर्क टूटने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है जिनके जरिए यह अवैध लेनदेन हुआ।

पुलिस से कार्रवाई की मांग

पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी और अमानत में खयानत कर उसकी पूरी राशि हड़प ली। उसने पुलिस से मांग की है कि है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और 68,71,000 की ठगी गई राशि बरामद कर वापस दिलाई जाए।

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