झारखंड में बड़ा विमान हादसा, 8 लाख का कर्ज लेकर बुक की थी एयर एम्बुलेंस, मरीज व डॉक्टर समेत 7 की मौत
झारखंड में बड़ा विमान हादसा मरीज व डॉक्टर समेत 7 की मौत


चतरा/रांची, 24 फरवरी। झारखंड के चतरा जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में सवार मरीज संजय कुमार, उनके दो परिजन और मेडिकल क्रू समेत सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार अपनी पूरी जमा-पूंजी और कर्ज का पैसा लगाकर मरीज की जान बचाने की उम्मीद में दिल्ली ले जा रहा था।


उड़ान भरने के मात्र 23 मिनट बाद टूटा संपर्क
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एयर एम्बुलेंस ने सोमवार शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।


खराब मौसम बना काल: उड़ान के महज 23 मिनट बाद ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया।
दुर्घटना का कारण: बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज हवाओं व कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण पायलट ने रूट बदलने की कोशिश की, लेकिन विमान असंतुलित होकर करमाटांड के जंगलों में जा गिरा।
8 लाख का लोन और टूटी उम्मीदें
हादसे की सबसे दुखद कड़ी मृतक संजय कुमार की संघर्षपूर्ण कहानी है। लातेहार के चंदवा में छोटा रेस्टोरेंट चलाने वाले संजय 16 फरवरी को शॉर्ट सर्किट से लगी आग में झुलस गए थे।
कर्ज लेकर की थी बुकिंग: रांची के डॉक्टरों ने जब उन्हें दिल्ली रेफर किया, तो परिवार ने रिश्तेदारों से मदद लेकर और 8 लाख रुपये का लोन उठाकर एयर एम्बुलेंस बुक की थी।
परिवार का अंत: इस हादसे ने न केवल संजय को छीना, बल्कि उनके साथ मौजूद पत्नी बसंती देवी और भांजे ध्रुव की भी जान ले ली।
हादसे में जान गंवाने वाले सात मृतक
इस दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में निम्नलिखित लोगों की जान गई है। संजय कुमार (मरीज), बसंती देवी (पत्नी), ध्रुव (भांजा), स्वराज दीप सिंह (पायलट),
विवेक (को-पायलट),डॉ. विकास कुमार गुप्ता (चिकित्सक),सचिन कुमार मिश्रा (नर्सिंग स्टाफ).
रेस्क्यू ऑपरेशन और शोक का माहौल
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन जंगल दुर्गम होने के कारण शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा और लातेहार जिले में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एक तरफ जहां परिवार आर्थिक बोझ तले दबा था, वहीं इस हादसे ने उनके चिराग को ही बुझा दिया।
